दिलचस्प मोड़ पर युवा कांग्रेस का चुनाव, सत्ता-संगठन भी कूदे

By firoz shaifi

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15 Feb 2020, 10:46 AM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर। प्रदेश में 22 और 23 फरवरी को युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों के लिए होने वाले चुनाव में अब सत्ता और संगठन की भी एंट्री हो गई है। सत्ता और संगठन से जुड़े लोग अपने-अपने समर्थक प्रत्याशियों को जिताने के लिए मैदान में उतर चुके हैं।

सबसे ज्यादा खेमे बंदी युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए हो रही है। युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए नौ प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है, जिनमें एक विधायक और दो एनएसयूआई के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष भी हैं। राज्य के एक कैबिनेट मंत्री के भाई भी प्रदेशाध्यक्ष की दौड़ में है, सत्ता से जुड़े से कई लोग भी उनके लिए चुनाव में भाग दौड़ कर रहे हैं।

वहीं प्रदेश कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी भी अपने-अपने समर्थक प्रत्याशियों के लिए बंद कमरों में बैठकें कर चुनावी रणनीति बनाने में जुटे हैं। चुनाव में अपने-अपने समर्थकों को ज्यादा वोट पड़ सके, इसके लिए वोटर्स को मत और समर्थन की अपील भी की जा रही है।

सूत्रों की माने तो सत्ता और संगठन से जुड़े नेताओं में कुछ ऐसे हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट की हरी झंडी का इंतजार है। बताया जाता है कि न तो सीएम न ही पायलट ने यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर अपने पत्ते खोले हैं, सीएम और प्रदेशाध्यक्ष के ग्रीन सिग्नल के बाद ये लोग प्रत्याशियों के समर्थन में मैदान में उतरेंगे। माना जा रहा है कि एक-दो दिन में इसका फैसला भी हो जाएगा।


चुनाव में धनबल
युवा कांग्रेस चुनाव में प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी जमकर धनबल का इस्तेमाल कर रहे हैं, पोस्टर, बैनर्स से लेकर प्रत्याशी लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ प्रदेश के सभी जिलों में घूम-घूमकर अपने लिए मत और समर्थन जुटा रहे हैं।


निवर्तमान अध्यक्ष ने की बैलेट पेपर से चुनाव की मांग
वहीं युवा कांग्रेस चुनाव में ऐप से चुनाव कराने का विरोध भी बढ़ता जा रहा है। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों के बाद अब युवा कांग्रेस के निवर्तमान प्रदेशाध्यक्ष और राज्य के खेल मंत्री अशोक चांदना ने भी ऐप की बजाए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से की है, चांदना ने इस संबंध में पत्र में लिखा है कि ऐप से चुनाव कराए जाने से उसमें पारदर्शिता नहीं रहेगी।

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