एक बार फिर पैंथर की दहशत

By: Rakhi Hajela

Updated On:
23 Aug 2019, 09:13:40 PM IST

  • इंसानी कहर से परेशान होकर जंगली जानवर उन्हीं इंसानों की बस्तियों की तरफ भागने को मजबूर हुए हैं जो इसके लिए जिम्मेदार हैं। अब वे शहरों में भी पनाह तलाश रहे हैं, उन्हें कहां पता होगा कि शहरों में भटकाव को कोई मंजिल नहीं होती है। पेश है एक रिपोर्ट

     

    एक बार फिर पैंथर की दहशत
    उदयपुर के गुलाबबाग में लोगों के सामने आ गया पैंथर जोड़ा
    उड़ा दिए होश
    खुले घूमते देख लोगों की बंधी घिग्गी
    वन विभाग ने लोगों को किया सावचेत
    माछला मगरा में दो दिन से दिख रहा है जोड़ा

     

 

उदयपुर के गुलाबबाग में पैंथर वो भी पिंजरे में नहीं बल्कि खुला! जी हां यह सच है, यहां पैंथर का जोड़ा खुल में विचरण करते हुए देखा गया। जिसकी नजर उस पर पड़ी उसकी घिग्गी बंध गई। सूचना पर वनविभाग और पुलिस की टीम देर रात गुलाबबाग में ही डेरा डालते हुए पैंथर की तलाश में लगी रही। वन विभाग अधिकारियों का कहना है कि पिछले दो दिन से माछला मगरा की पहाड़ी पर पैंथर जोड़े के रूप में देखा जा रहा है। विभागीय अधिकारियों ने गुलाबबाग, माछला मगरा और दूधतलाई आने वाले लोगों को पूरी सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। हालांकि पैंथर ने अभी तक किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया लेकिन हाल ही में परसाद और टीडी में पैंथर हमले में तीन लोगों की जान जाने की घटना किसी जेहन से अभी बाहर नहीं निकली है। गुलाबबाग में सुबह घूमने वाले लोगों को एकाएक दो पैंथर नजर आए। यह जोड़ा वहां करीब 15 मिनट तक बैठा रहा फिर वहां से निकल गया। पैंथर की सूचना मिलने पर वन क्षेत्र दक्षिण मंडल के डीएफओ ने अपनी टीम वहां भेजी। एेसा पहली बार नहीं है कि उदयपुर के गुलाबबाग में पैंथर नजर आया हो। न केवल उदयपुर बल्कि राज्य के विभिन्न जिलों में आबादी क्षेत्र में पैंथर दिखने की घटनाएं आए दिन बढ़ रही हैं।

यहां भी नजर आया पैंथर
10 जनवरी: सीकर के चंदपुरा गांव में पैंथर ने फैलाई दहशत
31 जनवरी: कोटा के मालरोड में पैंथर ट्रैक किया गया। इसके बाद इसने बरखेड़ा की ओर रुख किया।
20 मार्च: अलवर के अखैपुरा और परशुराम में पैंथर से अफरा तफरी
3 अप्रेल : अलवर के एक क्लब में घुसा पैंथर
8 जुलाई: सलूम्बर में पैंथर ने बछड़े को बनाया शिकार
10 अगस्त : उदयपुर के किकावास में पैंथर ने बनाया गोवंश को अपना शिकार
14 अगस्त: उदयपुर के परसाद जिले में 13 साल के बच्चे को बनाया था अपना शिकार
22 अगस्त: भीलवाड़ा के ऊपरमाल गांव में पैंथर को वन विभाग की टीम ने पकड़ा
22 अगस्त: सेवरा की ढाणी में पुजारी पर पैंथर ने किया हमला
21 अगस्त: उदयपुर के पीपली गांव में दो शावकों के साथ दिखी पैंथर
बांसवाड़ा की ग्राम पंचायत करणपुर के हरेली गांव में पैंथर की दहशत
राजसमंद के केलवा गांव में पैंथर ने 7 बकरियों को बनाया अपना शिकार
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आबादी की ओर क्यों आ रहे वन्यजीव

नष्ट हो रहे हैं जंगल

मिट रहा है जंगल और शहर के बीच का फर्क

औद्योगीकरण और विकास के नाम पर
पर्यावरण को किया जा रहा है नष्ट

उगाए जा रहे हैं कंक्रीट के जंगल

सूख रही हैं नदियां

कहते हैं जंगल की जिंदगी और भोजन की आवश्यकता एक दूसरे पर निर्भर करती है, फिर चाहे बात वन्यजीवों की हो अथवा जंगल में पाए जाने वाले बहुमूल्य वनस्पतियों की। वनस्पति, वन्यजीव और जीवन के लिए प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण जरूरी है। जंगलों के कटान, अतिक्रमण और प्रदूषण के कारण वन्यजीव कंक्रीट के जंगल की ओर रुख कर रहे हैं। एेसे में जरूरी है कि इनका संरक्षण किया जाए।

Updated On:
23 Aug 2019, 09:13:40 PM IST

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