अब नहीं टूटेगी सांसों की डोर

By: shantiprakash gour

Updated On:
19 Nov 2015, 02:01:00 AM IST

  • अब अनचाही संतान उपेक्षित हालत में झाडिय़ों या नाले के पास नहीं मिलेगी और न ही भू्रण हत्या जैसे पाप भी सरहदी जैसलमेर जिले में बढ़ेंगे। यदि राज्य सरकार की ओर से जैसलमेर में पालना योजना सफल रही तो नि:संतान दम्पती भी इन उपेक्षित मासूमों को गोद लेकर उनका भरण पोषण कर सकेंगे।
अब अनचाही संतान उपेक्षित हालत में झाडिय़ों या नाले के पास नहीं मिलेगी और न ही भू्रण हत्या जैसे पाप भी सरहदी जैसलमेर जिले में बढ़ेंगे। यदि राज्य सरकार की ओर से जैसलमेर में पालना योजना सफल रही तो नि:संतान दम्पती भी इन उपेक्षित मासूमों को गोद लेकर उनका भरण पोषण कर सकेंगे।

 गौरतलब है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए गत बजट में पालना योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इसके तहत जिन 65 स्थानों का चयन किया गया है, उनमें जैसलमेर भी शामिल है। सरहदी जैसलमेर जिले में ऐसे कई मामले सामने आए है, जिसमें यह पाया गया है कि अनचाही संतान को कचरा पात्र, नाली या सूने स्थान पर छोड़ दिया जाता है। यही अनचाही संतान संरक्षण व देखरेख के अभाव में दम तोड़ देती है। इसके अलावा सामाजिक भय से कईबार भ्रूण हत्या भी की जाती है। गत दिनों में ऐसे मामले सामने आए भी है। यह उम्मीद जताई जा रही है कि पालना योजना शुरू हो जाने से भू्रण हत्या पर भी विराम लग सकेगा।

न कोई रोक और न ही जांच
जैसलमेर के राजकीय जवाहर अस्पताल में पालना लगाना प्रस्तावित है। यह उम्मीद है कि नवम्बर के अंतिम सप्ताह तक पालना लगाने की कवायद पूर्ण हो जाएगी। इस योजना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पालने में अनचाही संतान रखने के दौरान न कोई रोकेगा और न ही टोकेगा। यही नहीं इसके लिए कोई जांच या पड़ताल नहीं की जाएगी। संबंधित की पहचान पूर्ण रूप से गुप्त रहेगी और इसके लिए पुलिस में भी मामला दर्ज नहीं होगा।

बजेगी घंटी, आएगा नर्सिंगकर्मी
इस योजना के तहत अस्पताल में रखे जाने वाले पालनों में कोई भी जब अनचाही संतान को रखेगा तो दो मिनट के भीतर एक बेल बजेगी और तुरंत नर्सिंगकर्मीआकर अस्पताल के शिशु गृह को सौंप देगा। यहां उस बच्चे का पालन-पोषण होगा। यही नहीं नि:संतान दम्पती भी इन बच्चों को गोद लेकर पालन-पोषण कर सकेंगे।

बैठक में लिया निर्णय
जैसलमेर के राजकीय जवाहर अस्पताल में बुधवार को राज्य सलाहकार पालना स्थल योजना देवेन्द्र अग्रवाल ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. उषा दुग्गड़ एवं अन्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ इस संबंध में चर्चा की। बैठक में डॉ. रविन्द्र सांखला, डॉ. अनिल माथुर सहित अन्य संभागी मौजूद थे। बैठक में निर्णय लिया गया कि राजकीय जवाहर अस्पताल में पालना, सोनोग्राफी व एक्स-रे रूम के समीप वेटिंग रूम में पालना स्थापित किया जाएगा। इस दौरान राज्य सलाहकार अग्रवाल ने अस्पताल का जायजा भी लिया।

पालना होगा स्थापित
जैसलमेर के राजकीय जवाहर अस्पताल के वेटिंग रूम में पालना स्थापित होगा। इस संबंध में राजकीय जवाहर अस्पताल में बुधवार को आयोजित बैठक सकारात्मक माहौल में सम्पन्न हुई। योजना के क्रियान्वयन से अनचाही संतान की असामयिक मृत्यु को रोका जा सकेगा।
-देवेन्द्र अग्रवाल, राज्य सलाहकार पालना स्थल योजना।

Updated On:
19 Nov 2015, 02:01:00 AM IST

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