प्राकृतिक हरितमा के आगोश में दमोह

By: aniket soni

Published On:
Jul, 12 2015 05:16 PM IST

  • इलाके का दमोह क्षेत्र इन दिनों प्राकृतिक हरितमा के आगोश में है। बारिश के मौसम में दमोह झरना भी अपने परवान है। यह पूरा इलाका लोगों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करने वाला है।
इलाके का दमोह क्षेत्र इन दिनों प्राकृतिक हरितमा के आगोश में है। बारिश के मौसम में दमोह झरना भी अपने परवान है। यह पूरा इलाका लोगों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित करने वाला है।

प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस जगह तक पहुंचते- पहुंचते रास्ते में लोगों को पूरे रोमांच का अनुभव होता है। सरमथुरा-झिरी मार्ग पर स्थित दमोह तक जाने के लिए खैमरी गांव तक सड़क की सुविधा है। यहां से करीब दो किमी का रास्ता कच्चा है। जैसे ही कच्चे रास्ते की शुरूआत होती है, इस प्राकृतिक स्थल का रोमांचक अनुभव भी शुरू हो जाता है।

हरियाली से अटे पड़े इस इलाके में अट्टाहस के साथ  गिरता झरना रोंगटे खड़े कर देता है। दमोह इलाका पहले दस्युओं की सुरक्षित शरणस्थली के रूप में जाना जाता था लेकिन आज यह जिले के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। जिसे देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते है।

टाइगर मूवमेंट के लिए भी जिले का यह इलाका अक्सर चर्चा में रहा है। इसी झरने की पहाड़ी पर दुर्लभ गिद्धों की कॉलोनी है। जहां अक्सर पहाड़ी पर गिद्ध बैठे दिखाई देते हैं।

Published On:
Jul, 12 2015 05:16 PM IST

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