मल्टीकैप फंड में 10,000 मासिक निवेश बन गया 56.4 लाख

By: Narendra Solanki

Published On:
Jul, 18 2019 12:12 AM IST

  • अगर आप एक सुनिश्चित रिटर्न चाहते हैं तो आपको म्यूचुअल फंडों के एसआईपी का रास्ता अपनाना चाहिए। जब भी बात इक्विटीज निवेश की हो निवेशकों को मल्टीकैप फंडों का चयन करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि मल्टीकैप फंड बाजार के सभी तरह के पूंजीकरण को मिलाकर कई सेक्टरों में निवेश करते हैं, जिसका लाभ लंबी अवधि में निवेशकों को मिलता है। मल्टीकैप के आंकड़े बताते हैं कि अगर किसी ने 10 हजार रुपए मासिक का एसआईपी किया होगा, तो वह 15 साल में बढ़कर 56.4 लाख रुपए हो गया, जबकि कुल निवेश 18 लाख रुपए का रहा है।

अर्थलाभ डॉट कॉम की ओर से जुटाए गए आंकड़ों के मुताबिक देश की अग्रणी म्यूचुअल फंड कंपनी आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड के मल्टीकैप के प्रदर्शन को देखें तो 10 हजार रुपए मासिक एसआईपी 15 साल में 56.4 लाख रुपए हो गया है। यानी 14 फीसदी सीएजीआर की दर से इसने रिटर्न दिया है। इस फंड ने एक, पांच, सात, दस और 15 साल की अवधि में अच्छा रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में अगर इसके बेंचमार्क यानी एसएंडपी बीएसी 500 टीआरआई से इसकी तुलना की जाए तो इसने 12.5 फीसदी सीएजीआर की दर से रिटर्न दिया है। मल्टीकैप मूलरूप से सभी मौसम के फंड होते हैं, क्योंकि ये बाजार के हर चक्र में लगातार अच्छा प्रदर्शन करते हैं। मल्टीकैप फंड लॉर्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप सभी को समाहित करते हैं और बाजार के सभी पूंजीकरण में यह प्रदर्शन करते हैं। उपरोक्ततीनों कैटेगरी के अपने-अपने अवसर और जोखिम होते है, जिनको मल्टी कैप अपने हिसाब से समावेश करता है। सेबी के नियमों के मुताबिक बाजार पूंजीकरण के लिहाज से शीर्ष 100 कंपनियां लॉर्ज कैप होती है, जबकि उसके बाद मिड कैप और स्मॉल कैप कंपनियां होती हैं।
फंड सलाहकारों के मुताबिक निवेशकों को सभी तरह के मिले जुले वाले पूंजीकरण के फंडों का चयन करना चाहिए और साथ ही उन्हें लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहिए। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल मल्टीकैप फंड का प्रबंधन एस नरेन करते है, जो स्टॉक के चयन में विशेषज्ञता रखते हैं। उनके पास मजबूत रिसर्च टीम और प्रोसेस केंद्रित नजरिया होता है, जिससे फंड बेहतर प्रदर्शन करते हैं। मल्टीकैप फंड मूलरूप से वृद्धि और वैल्यू स्टाइल से लाभान्वित होते हैं। डाइवर्सिफाइड होने के अलावा इस तरह के पोर्टफोलियो में जोखिम कम होता है। इससे निवेशकों को एक स्थिर रिटर्न का अनुभव होता है।

Published On:
Jul, 18 2019 12:12 AM IST

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