मीसा बंदियों को याद आया आपातकाल का दौर

By: vivek

|

Published: 12 Oct 2015, 02:32 PM IST

Jaipur, Rajasthan, India

पाली. भारतीय जनता पार्टी की ओर से रविवार को रतनचंद लोढ़ा बाल निकेतन विद्यालय में जिला स्तरीय लोकतंत्र प्रहरी अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इसमें जयप्रकाश नारायण की 113 वीं जयंती के अवसर पर जिले के मीसा बंदियों का अभिनंदन किया गया। लोकतंत्र रक्षा दिवस को लेकर आयोजित जिला स्तरीय सम्मान समारोह में उप मुख्य सचेतक एवं भाजपा जिलाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि आपातकाल के दौरान जिस तरह से प्रतिबंधों की परवाह किए बगैर मीसाबंदियों ने जिले में 19 माह तक आंदोलन चलाया, उसी के परिणामस्वरूप 1977 में देश की जनता ने केंद्र में कांग्रेस सरकार को करारा जवाब दिया था।

 सांसद पी.पी चौधरी ने कहा कि आपातकाल के दौरान देश में जिस तरह से अराजकता का माहौल पैदा हो गया था, उस वक्त लडऩे वाले देश भक्तों ने हर पाबंदी का मुंहतोड़ जवाब देकर देश को कमजोर नहीं होने दिया। विधायक ज्ञानचंद पारख ने भी आपातकाल के दौरान के स्मरण सुनाते हुए कहा कि मैं जेल तो नहीं गया, लेकिन जो जेल गए, उनकी यातनाओं को बहुत करीब से देखा है। मारवाड़ जंक्शन विधायक केसाराम चौधरी ने मीसाबंदियों के आंदोलन को देश को दिशा देने वाला बताया। समारोह को सुमेरपुर नगरपालिका के अध्यक्ष जोराराम कुमावत, सोजत नगरपालिका अध्यक्ष मांगीलाल चौहान, पाली प्रधान श्रवण बंजारा, मारवाड़ जंक्शन प्रधान सुमेरसिंह कुम्पावत, उप जिला प्रमुख नवलकिशोर रावल, नगर परिषद उप सभापति मूलसिंह भाटी, भाजयुमो जिलाध्यक्ष दिग्विजयसिंह आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

सुनाए संस्मरण
मीसा बंदी रहे विजयकृष्ण नाहर, विजयसिंह चांचौड़ी एवं गौतम यती ने आपातकाल के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जिले में 63 से अधिक मीसा बंदियों ने आपातकाल के दौरान जिस तरह से आंदोलन चलाकर जेल यात्रा की, उसमें सैंकड़ों अन्य सहयोगियों का मार्गदर्शन भी साथ था। जिला स्तरीय सम्मान समारोह में 30 से अधिक मीसा बंदियों को माला, साफा एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान करणसिंह नेतरा, चंद्रशेखर भायल, सत्यनारायण गोयल, ज्ञानदास वैष्णव, रमेश शर्मा, मानाराम चौधरी, बेनी गोपाल, मेघराज बंब, रघुनाथपुरी, कैलाश गोयल आदि मौजूद थे। 
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।