Man animal conflict: अस्तित्व का संघर्ष

By: Rakhi Hajela

Updated On: 25 Aug 2019, 05:11:11 PM IST

  • बढ़ रहा है मानव और वन्यजीवों के मध्य संघर्ष
    विकास की भूख खत्म कर रही वन्यजीव
    कई प्रजातियों का अस्तित्व संकट में
    जंगलों का आवश्यकता से अधिक दोहन

Man animal conflict: इंसान ( Human ) की विकास ( Development ) की भूख बहुमूल्य वन्यजीवों ( Wild life ) को नष्ट कर रही है। जानवरों के लगातार हो रहे शिकार ( Hunting ) और मानव एवं वन्यजीवों के बीच चल रहे संघर्ष ने कई अहम प्रजातियों के अस्तित्व को संकट में डाल दिया है। वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया ( Wild life trust of india ) की रिपोर्ट के मुताबिक मनुष्यों और वन्यजीवों के बीच टकराव तथा संघर्ष लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण है इंसानी आबादी का बढ़ता दबाव जो वन्यजीवों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है, क्योंकि जंगल कम हो रहे हैं और वन्यजीवों के रहने के प्राकृतिक अधिवास लगातार कम होते जा रहे हैं। ऐसे में मानव.वन्यजीव संघर्ष में कमी लाने के लिए उन कारणों की पड़ताल कर निदान करना जरूरी है जिनकी वजह से यह चिंताजनक स्तर पर पहुंच गया है:

जंगलों के बीच से गुजरने वाली सड़कों के कारण दुर्गम जंगलों तक पहुंचना मनुष्य के लिए आसान हो गया है। इससे शिकारी दल आसानी से वन्यजीवों को अपना शिकार बना लेते हैं। आजकल शायद ही कोई दिन ऐसा जाता है, जब मानव तथा वन्यजीवों के बीच संघर्ष की खबर सुनने को नहीं मिलती। किसी स्थान पर किसी हिंसक जानवर ने बस्ती में आकर लोगों पर आक्रमण कर दिया होता है, तो कहीं लोग ऐसे जानवर को घेरकर मार देते हैं। इसके अलावा भी कई अन्य कारण हैं जो इस संघर्ष के कारणों में शामिल हैं। आइए डालते हैं इन कारणों पर भी नजर....

जंगलों का आवश्यकता से अधिक दोहन
वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास का नष्ट होना
वन्यजीवों के लिए शिकार या भोजन की कमी
कृषि का विस्तार
बढ़ती आबादी के लिए आवास, शहरीकरण
औद्योगीकरण में वृद्धि
वनों के स्वरूप में बदलाव
बहुउद्देशीय नदी-घाटी परियोजनाएं
जलवायु परिवर्तन ने भी वन्यजीवों को प्रभावित किया है

 

Updated On:
25 Aug 2019, 05:11:10 PM IST

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