कथक में पिरोया राधा-कृष्ण का प्रेम

By: Nitin Sharma

Published On:
Jul, 11 2019 11:39 PM IST

  • JKK VIRSA 2019 : विरसा-2019 के मंच पर खिला कथक नृत्य का सौन्दर्य

जयपुर। जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में चल रहे 12 दिवसीय विरसा (VIRSA 2019) समारोह के दूसरे दिन गुरुवार को जयपुर घराने की कथक नृत्य की कलाकार मोनिसा नायक ने कथक नृत्य का नयनाभिराम प्रदर्शन कर दर्शकों को रिझाया। उन्होंने शुरूआत में राग बैरागी में ताल तीन ताल की प्रस्तुति में श्लोक के भावों को अपने नृत्य में पिरोया। इसके बाद उन्होंने कथक नृत्य में उपज, थाट, उठान, परन, आमद, तोड़े, टुकड़े, गत निकास व कवित और गत भाव की प्रस्तुति से जयपुर घराने के कथक का सौन्दर्य दर्शाया। कार्यक्रम का आकर्षण पंडित नारायण प्रसाद लिखित ठुमरी पर कथक नृत्य की प्रस्तुति रही। जिसमें राग देस और ताल अद्धा पर कलाकारों ने 'ऐसो हठीलो छैल मग रोकत है गिरधारी बनवारी' रचना पर राधा-कृष्ण के प्रेम-प्रसंग को खूबसूरती के साथ दर्शाया।

31 चक्कर का प्रदर्शन
इसके अलावा राग मल्हार और राग गौड़ मल्हार पर आधारित प्रस्तुतियों के जरिए ने वर्षा ऋतु में विरह और कृष्ण प्रेम के रंगों को दर्शाया। मोनिसा ने ताल तीन ताल द्रुत लय में जुगलबंदी और 31 चक्कर पेशकरअपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने राग गौड मल्हार में 'तिहाई' प्रस्तुति के साथ अपने नृत्य को विराम दिया। मोनिसा के साथ विद्यागौरी, हेमंत अदकर, मुजफ्फर मुल्ला, प्रवीण परिहार, प्रियंका कुमारी, मालविका शर्मा और प्रीति ने भी नृत्य किया। उनके साथ तबले पर योगेश गंगानी, गायन एवं हारमोनियम पर समीउल्लाह खान और सारंगी पर मोहम्मद अय्यूब ने संगत की।

Published On:
Jul, 11 2019 11:39 PM IST

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