मातमी धुनों के बीच निकला ताजियों का जुलूस

By: Girraj Prasad Sharma

Updated On:
10 Sep 2019, 10:12:10 PM IST

  • हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मंगलवार को मोहर्रम (Moharram) की दस तारीख पर ताजियों का जुलूस (taajiyon ka julus) निकाला गया। मुस्लिम बहुल इलाकों से मातमी धुनों के बीच यह ताजियों का जुलूस निकला, जो बड़ी चौपड़ पर पहुंचा। यहां पर ताजियों की खूबसूरती देखने के लिए अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। जियारत करने के लिए बड़ी संख्या में अकीदमंद पहुंचे।

मातमी धुनों के बीच निकला ताजियों का जुलूस
- ताजियों की खूबसूरती देखने उमड़ा सैलाब
- 400 से अधिक छोटे-बड़े ताजिए हुए शामिल
- हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में निकले ताजिए
- जियारत के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा

जयपुर। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मंगलवार को मोहर्रम (Moharram) की दस तारीख पर ताजियों का जुलूस (taajiyon ka julus) निकाला गया। मुस्लिम बहुल इलाकों से मातमी धुनों के बीच यह ताजियों का जुलूस निकला, जो बड़ी चौपड़ पर पहुंचा। यहां पर ताजियों की खूबसूरती देखने के लिए अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ पड़ा। जियारत करने के लिए बड़ी संख्या में अकीदमंद पहुंचे। अकीदतमंदों की ओर से ताजियों पर सहरे चढ़ाए गए। यहां से मातमी धुनों के बीच ताजियों का जुलूस कर्बला (karbala) के लिए रवाना हुआ।

दोपहर से ही विभिन्न मोहल्लों से ताजिए निकलना शुरू हुए। 400 से अधिक छोटे-बड़े ताजिए मातमी धुनों के बीच जुलूस के रूप में निकाले गए। सभी ताजिए बड़ी चौपड़ पहुंचे, यहां जियारत के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा। इससे पहले विभिन्न मोहल्लों से ताजियों को अकीदतमंदों ने नजराना पेश किया। शाम से ही लोग ताजियों को देखने के लिए परकोटे में उमड़ पड़े, लोग बरामदों की छतों पर बैठ गए। रामगंज बाजार, चारदरवाजा, लुहारों का खुर्रा, बड़ी चौपड़, चांदी की टकसाल व सुभाष चौक के बरामदों ऊपर व छतों पर लोग बैठे रहे। लोगों ने ताजियों की कारीगरी निहारी।

विशेषकर मोहल्ला महावतान, गुलजार मस्जिद, चांदपोल, पन्नीगरान, नीलगरान, नालबंदान, हांडीपुरा, सिरकीगरान, बड़ वालों की मस्जिद, जालूपुरा, रेहमानियों, लुहारों का खुर्रा, पहलवानों का ताजिया, मछलीवालान के ताजिये विशेष रहे। मोहल्ला पन्नीगरान, हांडीपुरा आदि के ताजिए खासे आकर्षण का केन्द्र रहे। सिटी पैलेस से भी पारंपरिक ताजिया निकला, यहां पर भी लोगों ने मन्नतें मांगी और सेहरे चढ़ाए। लोगों ने रोजे रखे और इबादत की। कुछ लोगों ने गरीबों को खाना भी खिलाया। जगह-जगह छबिले लगाई गई। शर्बत, चाय, कॉफी, ठंडा पानी, खीर, हलवा सहित अन्य चीजें अकीदतमंदों को बांटी गई। बड़ी चौपड़ से ताजियों का जुलूस कर्बला के लिए रवाना हुआ।

आपको बतादें कि एक दिन पहले सोमवार को पैगम्बर-ए-इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की याद में कत्ल की रात में विभिन्न इलाकों के ताजिए बड़ी चौपड़ पर पहुंचे। इस दौरान ताजियों की चकाचौंध और उसकी खूबसूरती को देखने के लिए भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे। इससे पहले शाम को शहर के ज्यादातर इमामबाड़ों में ताजियों की खूबसूरती को देखने के लिए अकीदतमंद उमड़ते रहे। कत्ल की रात में ताजियों को वापस से इमामबाड़ों में लाया गया।

Updated On:
10 Sep 2019, 10:12:10 PM IST

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