विदेशी ऑर्डर की कर लें तहकीकात, कहीं हो न जाएं ठगी के शिकार

By: vinod saini

Updated On:
14 Aug 2019, 06:15:00 AM IST

  • हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर (Handicraft exporter) बनने की चाह जोधपुरवासियों पर भारी पड़ रही है। विदेशों से मिलने वाले ऑर्डर पर माल सप्लाई कर देते हैं और बाद में पैसा अटक जाता है। ठगी का कारण निर्यातकों (Export) के साथ नकली वेबसाइट व ईमेल हैकिंग (Fake website and email hacking) के माध्यम से की गई धोखेबाजी (Fraud) बताई जा रही है।

-जोधपुर के सौ से अधिक निर्यातक विदेशों में हुए ठगी का शिकार
- भारतीय दूतावास से कर रहे सहयोग की मांग
- विदेशो में अटके 50 करोड़ रुपए

जोधपुर। हैंडीक्राफ्ट (handicraft) वस्तुओं पर कलात्मक कारीगरी कर विदेशों में निर्यात (Export) करने और सरकार को विदेशी मुद्रा (foreign currency) अर्जित कराने वाले निर्यातक विदेशों में ठगी (Cheating abroad) का शिकार हो गए हैं। जोधपुर के करीब 100 निर्यातकों के करीब 50 करोड़ रुपए विदेशों में अटक गए हैं। ठगी का कारण निर्यातकों के साथ नकली वेबसाइट व ईमेल हैकिंग (Email hacking) के माध्यम से की गई धोखेबाजी बताई जा रही है। वर्तमान में देश सहित जोधपुर के हैंडीक्राफ्ट निर्यातक इस प्रकार के साइबर ठगी (Cyber fraud) के जाल में फंसते जा रहे हैं। अमेरिका (America) के डिस्कवरी फर्नीचर नाम से एक रजिस्टर्ड ग्राहक ने जोधपुर के कई निर्यातकों से ठगी की। यह विदेशी ग्राहक जोधपुर के 6 से ज्यादा निर्यातकों से करीब 10 करोड़ रुपए से ज्यादा का माल हड़प चुका है । यहां के कई निर्यातकों के माल हड़पने के बाद उसने अपने आप को दिवालिया घोषित कर दिया। थोड़े दिनों बाद उसने डिस्को वेयरहाउस नाम से नई फ र्म बनाई और फि र से काम करना शुरू कर दिया। ऐसे ही एक मामले में आस्ट्रेलिया (Australia) के एक ग्राहक ने जोधपुर के निर्यातक (Jodhpur Exporter) से करोड़ों को माल मंगाकर माल को खराब बताया व बकाया राशि देने से मना कर दिया।
बढ़ रहा क्रेज, फंस रहे युवा व नए निर्यातक
जोधपुर में हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट बिजनेस का क्रेज बढ़ता जा रहा है। शहर के युवा डॉक्टर, इंजीनियर सहित अन्य युवा हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर बनना चाहते हैं। नए काम शुरू करने, ऑर्डर मिलने की खुशी कई नए निर्यातक अपना पैसा फ ंसा देते है। विदेशों में अटके पैसों को निकलवाने के लिए कोई सख्त कानून भी नहीं है।

दूतावास से मांगा सहयोग
एसोसिएशन की ओर से ऐसे विदेशी ग्राहकों को टाइम बाउंड कर भारतीय दूतावासों के सहयोग से अटके पैसे निकलवाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे फ्रॉड ग्राहकों की एक ब्लेक लिस्ट भी तैयार की गई है।

डॉ. भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

Updated On:
14 Aug 2019, 06:15:00 AM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।