'मां' मान रही हार, नहीं बेटी से प्यार?

By: Tasneem Khan

Published On:
Jul, 11 2019 06:24 PM IST

 
  • 'मां' मान रही हार, नहीं बेटी से प्यार?

तसनीम खान, जयपुर। कोख में बेटियों को मारे जाने का सिलसिला इसलिए भी खत्म नहीं हुआ कि एक मां हार मान जाती है। कोख में मारे जाने का यह व्यापार भी अगर फल-फूल रहा है, तो यहां समाज और प्रशासन ही नहीं , एक मां की कमजोरी भी है। मां, जो किसी भी दबाव में अपनी बच्ची को छोड़ देती है, या मार देने के लिए सौंप देती है, वो आखिर लड़ती क्यों नहीं, अपनी बेटी के लिए। सवाल बेहद कठोर है और यह शब्द भी। होने भी चाहिए ऐसी तस्वीरों को देख। यह तस्वीर आई है राजसमंद के खमनोर से, जहां बुधवार 3 जुलाई को बनास नदी में एक 8 महीने की बच्ची का शव मिला। शव एक बेटी का था और उसकी गुमशुदगी की कहीं रिपोर्ट भी दर्ज नहीं थी। इसीलिए पुलिस हरकत में आई और बच्ची की जानकारी जुटाई गई। सूचना पर खमनोर थानाधिकारी सुनील शर्मा भी मौके पर पहुंचे । शव को खमनोर चिकित्सालय लाकर पोस्टमार्टम करवाया गया। उसके बाद बच्ची की मां को ढूंढते हुए पुलिस उस तक पहुंची तो हैरान कर देने का मामला सामने आया। हैरानी इसलिए कि मां ने खुद उस 8 माह की बच्ची की जिंदगी को इस नदी के हवाले कर दिया। कारण- कारण जानकर बड़ी हैरानी नहीं होगी, क्योंकि यह वजह हमारे समाज के एक बड़े तबके की सोच को सामने रख देती है। मां का कहना है कि बेटी के जन्म से पहले उसे और पूरे परिवार को बेटे की चाह थी, सभी चाहते थे कि पहला बच्चा बेटा हो, लेकिन बेटी पैदा हुई। इसके बाद उस पर रिश्तेदारों का दबाव रहा, कुछ ताने रहे बेटी पैदा करने को लेकर और एक दिन इन तानों और दबाव में उसने अपने ही शरीर के हिस्से का नदी में तर्पण कर दिया।

Published On:
Jul, 11 2019 06:24 PM IST

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