अब गहलोत के मंत्री खाचरियावास का दावा, 'मैं और मेरा परिवार भी श्रीराम वंशज'

By: nakul

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Published: 13 Aug 2019, 04:03 PM IST

Jaipur, Jaipur, Rajasthan, India

जयपुर।

उच्चतम न्यायालय के राम के वंशजों के बारे में सवाल पूछे जाने के बाद से ही राजस्थान में राम के वंशजों के दावेदारों की संख्या बढ़ती जा रही है। सबसे पहले पूर्व राजपरिवार की सदस्य और भाजपा सांसद दिया कुमारी ( Diya Kumari ) ने राम के वंशज ( Descendants of Lord Ram ) होने की बात स्वीकारी, और अब गहलोत सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ( pratap singh khachariyawas ) ने भी खुद को राम का वंशज होने का दावा किया है। उन्होंने इसके पीछे कई तरह की दलील भी दी है। खाचरियावास ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि वे और उनका पूरा परिवार राम के वंशज है।


ये है खाचरियावास का दावा

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राम के वंशज आपको दुनिया में हर जगह मिल जाएंगे। मैं और मेरा परिवार भी राम के ही वंशज हैं। हम 'कुश' की संतानें है, हम सूर्यवंशी राजपूत कहलाते, कछवाहा कुश की संतान हैं, हमारा परिवार भी राम का वंशज है।

 

खाचरियावास ने कहा, ''इसमें कोई दो राय नहीं कि हम राजा राम के वंशज हैं। राजावत, शेखावत और कछावा सभी राम की संतान हैं, जो भी परिवार हैं वह सभी राम की ही संतान है। जब मैं सिविल लाइन्स से चुनाव लड़ रहा था तभी इस बात को सार्वजनिक किया था।''


.. इधर मेवाड़ के पूर्व महाराज ने भी किया दावा
मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार ने भी लव का वंशज होने का दावा किया है। मेवाड़ के पूर्व महाराज महेंद्र सिंह मेवाड़ ने कहा है कि हमारा राजघराना राम के पुत्र लव का वंशज है। मेवाड़ में उनकी 76 पीढिय़ों का इतिहास दर्ज है, जबकि राजघराने का इतिहास और भी पुराना है। मेवाड़ राजघराने के ही लक्ष्यराज ने बताया कि कर्नल जेम्स टॉड की पुस्तक के मुताबिक लव के वंशज कालांतर में गुजरात होते हुए आहाड़ यानी मेवाड़ में आये जहां सिसोदिया साम्राज्य की स्थापना की गई।

 

राम वंशज के सबूत तक का दावा

मेवाड़ राजघराने के ही लक्ष्यराज के अनुसार श्रीराम भी शिव उपासक थे और मेवाड़ राजपरिवार भी एक लिंगनाथ (शिवजी) का उपासक है। मेवाड़ राज परिवार के सूर्यवंशी श्रीराम के वंशज होने के पुख्ता प्रमाण हैं।


एक और कांग्रेस नेता का दावा

कांग्रेस के प्रवक्ता सत्येंद्र सिंह राघव ने भी दावा किया है कि राम के वंशज राघव राजपूत हैं। राघव ने बाल्मीकि रामायण के पृष्ठ संख्या 1671 का उल्लेख किया है, जिसमें राम की वंशावली की जानकारी है। राघव ने बताया कि राम के पुत्र लव से राघव राजपूतों का जन्म हुआ जिनमें बड़गुर्जर, जयात और सिकरवार का वंश चला, जबकि कुश से कुशवाह राजपूतों का वंश चला। इससे पहले जयपुर राजघराने की पूर्व राजकुमारी दीया कुमारी ने भी लव का वंशज होने का दावा किया था।

 

उच्चतम न्यायालय द्वारा रामलला के वकील से वंशावली के बारे में सवाल पूछने पर उन्होंने कोई जानकारी नहीं होने की बात कही थी इस पर मेवाड़ के पूर्व महाराजा महेंद्र सिंह का कहना है कि श्रीराम के वंशजों की वंशावली अयोध्या मुकदमे का मुद्दा ही नहीं है।

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