दिवराला सती प्रकरण: अभियोजन की अर्जी पर बचाव पक्ष देगा जवाब

By: Mukesh Sharma

Updated On: 10 Sep 2019, 10:14:03 PM IST

  • जयपुर की सती (Sati) मामलों की विशेष कोर्ट(Sati Special court) बुधवार को सती का महिमामंडन (Glorification) करने के आठ आरोपियों का भाग्य का फैसला करेगी। मामले के अंतिम चरण में पहुंचने पर अभियोजन ने कुछ और सबूत(Evidence) पेश करने की अर्जी पेश कर दी थी।

जयपुर

इस अर्जी पर बचाव पक्ष की ओर से जवाब पेश किया जाएगा और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट अभियोजन की अर्जी स्वीकार करने या खारिज करने पर निर्णय करेगी। मामले में आठ आरोपी श्रवण सिंह, महेन्द्र सिंह, निहाल सिंह, जितेन्द्र सिंह, उदय सिंह, नारायण सिंह, भंवर सिंह व दशरथ सिंह के खिलाफ सुनवाई अंतिम चरण में है। इन सभी पर सती निवारण अधिनियम के तहत दिवराला सती की घटना के बाद 1988 में उसका महिमा मंडन करने का आरोप है। बचाव पक्ष के एडवोकेट सुरेन्द्र सिंह नरूका ने कहा कि अभियोजन पक्ष की अर्जी का जवाब देंगे। इस मामले में अभियोजन की ओर से 18 गवाहों के बयान दर्ज होंगे। इससे पहले इन गवाहों की गवाही 2004 में हुई थी।

यह है मामला-
सती महिमा मंडन के आरोप में 45 आरोपियों के खिलाफ 22 सितंबर 1988 को सती निवारण कानून 1987 की धारा- 5 के उल्लघंन में सती का महिमामंडन करने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

मामले में 25 आरोपी बरी हो चुके हैं-

सती निवारण मामलों की विशेष कोर्ट ने 9 नवंबर 2004 को इस केस में महिमा मंडन का आरोप साबित नहीं पाने पर 25 आरोपियों गोकुल सिंह, पंकज कुमार, मोहन चंद, भवानी सिंह, बजरंग सिंह, प्रकाश सिंह, राजेन्द्र सिंह, भंवर सिंह, दलजीत सिंह, जयसिंह, भूपेन्द्र सिंह, वीरेन्द्र सिंह, बीरबल, भगवत सिंह, सागरमल, लक्ष्मण सिंह, गजेन्द्र सिंह, अजय सिंह, भगवान सहाय, राज वीरेन्द्र सिंह, मदन सिंह, नरेन्द्र कुमार, रतन सिंह, हिमांशु व ओमप्रकाश को बरी कर दिया।

छह आरोपी फरार, छह की हो चुकी है मौत-

इस केस में कालू सिंह, सम्पत सिंह, संग्राम सिंह, ऋषिकांत, लक्ष्मण व रतन सिंह को फरार घोषित हैं और इनके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हैं।

छह आरोपियों की हो चुकी है मौत-

तेज सिंह, कालूराम, रामेश्वर, शिवसिंह, सुनील कुमार व जूथाराम

एडीजे कोर्ट ने 32 आरोपियों को किया था बरी-

दूसरी ओर रूप कंवर की हत्या व आत्महत्या के मामले में दर्ज केस में नीम का थाना की एडीजे कोर्ट ने अक्टूबर 1996 में मामले में 32 आरोपियों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप से बरी कर दिया था।

Updated On:
10 Sep 2019, 10:14:02 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।