सीएम गहलोत ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, कहा - ‘उन्होंने भी वादे किए, अब पता लगेगा मोदी कितनी मदद करते हैं’

By: Dinesh Saini

Updated On:
11 Jul 2019, 10:20:43 AM IST

  • Ashok Gehlot बुधवार को राज्य का बजट ( Rajasthan Budget 2019 ) पेश किया। इस दौरान सीएम गहलोत ने केंद्र पर निशाना साधते कहा कि प्रदेश के विकास में केन्द्र से कितना सहयोग मिलेगा, छोड़ेंगे नहीं....

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Ashok Gehlot ) बुधवार को राज्य का बजट ( rajasthan budget t 2019 ) पेश किया। इस दौरान सीएम गहलोत ने केंद्र पर निशाना साधते कहा कि प्रदेश के विकास में केन्द्र से कितना सहयोग मिलेगा, छोड़ेंगे नहीं। लेकिन हम अपने हक को लेकर रहेंगे। उन्होंने भी प्रदेश की जनता से वादे किए थे। अब पता लगेगा कि कितनी मदद करते हैं। वे बुधवार को बजट अभिभाषण के बाद पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि राज्य बजट में महिला, युवा और किसान को प्राथमिकता पर रखा गया है। बजट के लिए ज्यादा समय नहीं मिला। यह मार्च 2020 तक के लिए है। काफी समय लोकसभा चुनाव आचार संहिता में निकल चुका है। बजट में पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र को आधार बनाकर जनहित में फैसले लिए गए हैं। उन्होंने मंत्रिमण्डल के साथियों को लेकर कहा उनसे भी उम्मीद की जाती है कि वे बजट घोषणा के मुताबिक विभागों में काम कराएंगे। वैसे भी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मंशा है कि 24 घंटे मंत्री काम करें। ऐसे में हर व्यक्ति को पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करना है। हम और हमारे साथ अधिकारी जनता के ट्रस्टी बनकर काम करें।


नरेन्द्र मोदी पर निशाना
गहलोत ने पीएम नरेन्द्र मोदी ( Narendra Modi ) पर हमला बोला और कहा कि उन्होंने सेना के पीछे आकर राजनीति की है। राष्ट्रभक्ति की बात कर देश में भावनात्मक माहौल बनाया। उम्मीदवारों को तो कोई पूछ ही नहीं रहा था। दूल्हा (उम्मीदवार) कौन है। दूल्हा तो पीछे था।


भाषण में पूर्ववर्ती सरकार को घेरते हुए सीएम गहलोत बोले -
- वित्तीय कुप्रबंधन के कारण प्रदेश की वित्तीय स्थिति खराब हुई। कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में कुशल वित्तीय प्रबंधन के चलते वर्ष 2010- 11 में राजस्व सरप्लस की स्थिति में पहुंचा और अगले साल भी यही रहा। लेकिन वर्ष 2018-19 में राजस्व घाटा करीब 29 हजार करोड़ रुपए पहुंच गया।
- पूर्व सरकार में राजस्व घाटा लगातार 3 प्रतिशत से ज्यादा रहा। 2015-16 में बढकऱ 9 प्रतिशत से भी अधिक हो गया।
- बिना सोचे-समझे ज्यादा ऋण लिया, जिससेब्याज भुगतान का भार अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया।
- भविष्य के प्रभाव का आकलन किए बिना ही उदय योजना लागू कर दी।

Updated On:
11 Jul 2019, 10:20:43 AM IST

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