Railway 10 साल के लिए परेशानी मुक्त हुआ मुख्य रेलवे स्टेशन

By: Virendra Kumar Rajak

Updated On:
24 Aug 2019, 07:42:39 PM IST

  • ट्रेनों को आऊटर में रोकने की समस्या से मिली निजात


जबलपुर, कटनी और इटारसी की ओर से आने वाली ट्रेनों को अब ऑऊटर पर नहीं रोकना पड़ेगा। आने वाले दस सालों के लिए ट्रेनों को आऊटर पर रोकने की समस्या से मुख्य रेलवे स्टेशन को निजात मिल गई है। इसके लिए एक हजार से अधिक अधिकारियों-कर्मचारियों की टीम ने काम किया। यही कारण था कि रीमॉडलिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य को चार दिन में ही पूरा कर लिया गया। यह बात शनिवार को पत्रकारवार्ता में जबलपुर मंडल के डीआरएम मनोज सिंह ने कहीं। इस दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक मंजू मोहनपुरिया व एडीआरएम सुधीर सरवरिया समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
डीआरएम सिंह ने कहा कि यार्ड की रीमॉडलिंग का कार्य काफी चुनौतीपूर्ण था। पिछले नौ सालों से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने बताया कि यह पहली बार होगा, जब बारिश के दौरान की गई नॉन इंटरलॉकिंग के बावजूद कम से कम ट्रेनों को रद्द किया गया। जबलपुर से प्रारंभ होने वाली 22 ट्रेनों में से मात्र तीन ट्रेन ही रद्द की गई, जबकि 19 ट्रेनों को चलाया जाता रहा।
अधारताल महत्वपूर्ण है होगा विकास
नॉन इंटरलॉकिंग के दौरान अधारताल स्टेशन की महत्ता को अधिकारियों ने समझा। डीआरएम ने कहा कि मदन महल और अधारताल स्टेशन की वजह से ही टे्रनों का संचालन कियाा जा सका। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अधारताल स्टेशन का विकास किया जाएगा और वहां प्लेटफॉर्म व फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जाएगा।
वन ए पर होगा काम
उन्होंने बताया कि अब प्लेटफॉर्म क्रमांक वन ए का काम शुरू किया जाएगा। यहां गार्डर बिछा दिए गए हैं। इसके बाद यहां ट्रैक और फिर ओएचई बिछाने का काम होगा। जिसके बाद से नैनपुर की तरफ आने जाने वाली ट्रेनों का संचालन यहां से होगा। इस प्लेटफॉर्म पर 12 डिब्बों वाली ट्रेन का संचालन होगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में जबलपुर मुख्य स्टेशन की भी रीमॉडलिंग की जानी है।
महिलाओं ने दिखाई शक्ति
इस दौरान एडीआरएम अंजू मोहनपुरिया ने बताया कि मदन महल से ट्रेनों का संचालन होना था। वह पिंक स्टेशन है, इसके चलते वहां सभी महिला अधिकारी और कर्मचारी है। यह संभव नहीं लग रहा था, लेकिन स्टेशन मास्टर से लेकर सभी कर्मचारियों ने बिना किसी परेशानी के ट्रेनों का संचालन किया।

यह खास
इंजीनियरिंग विभाग- स्टेशन के ट्रैक, पॉइंट और पैनल को शिफ्ट किया।
कमर्शियल विभाग- अधारताल व मदन महल स्टेशन पर टिकट से लेकर पानी, बैठने समेत पैसेंजर सुविधाएं मुहैया कराईं
सिग्नल विभाग- सबसे महत्वपूर्ण सिग्नल, पॉइंट को शिफ्ट किया और चेक किया
मैकेनिकल विभाग- कछपुरा, अधारताल और श्रीधाम में बनाए गए अस्थाई कोचिंग में ट्रेनों का मैंटेनेंस

Updated On:
24 Aug 2019, 07:42:39 PM IST

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