गणेश चतुर्थी 2018 - संकट कितना भी बड़ा हो, उसे टाल देता है गणेशजी का यह छोटा सा स्त्रोत

deepak deewan

Publish: Sep, 12 2018 08:32:44 AM (IST)

संकट कितना भी बड़ा हो, उसे टाल देता है

जबलपुर. सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ति के लिए भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी गुरुवार से भगवान गणपति की साधना शुरू होगी। गणेश चतुर्थी को विनायक या बरद चतुर्थी भी कहा जाता है। ज्योतिर्विदों के अनुसार इस तिथि में भगवान गणेश को घर में विराजित कर नौ दिन पूजन अर्चन करने पर सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। गणेशोत्सव पूरे 9 दिनों तक चलेगा। गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणेशजी की पूजा की जाती है।


घर-घर विराजेंगे प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश, अथर्वशीर्ष एवं संकट नाशक गणपति स्त्रोत का पाठ कल्याणकारी
गणेश चतुर्थी से भगवान गणेश का उत्सव शुरू होगा। घरों व कॉलोनियों में प्रतिमाएं स्थापित की जाएगी। इस दौरान संस्कारधानी की सडक़ों में आस्था एवं भक्ति की झलक दिखाई देगी। ज्योतिर्विद जनार्दन शुक्ला के अनुसार गणेश चतुर्थी को गणपति अथर्वशीर्ष एवं संकट नाशक गणपति स्त्रोत का पाठ करना कल्याणकारी होगा। कितना भी बड़ा संकट हो, संकट नाशक गणपति स्त्रोत का नियमित पाठ उसे टाल देता है। इन नौ दिनों में संकट दूर करने के लिए यह पाठ जरूर करें। भगवान गणेश को दुर्वा एवं मोदक सर्वाधिक प्रिय हैं।


अनंत चतुर्दशी 23 से प्रतिमाओं का विसर्जन

कल से शुरु होनेवाले गणेश उत्सव की तैयारियां तेजी से चल रहीं हैं। शहरभर में पंडाल तैयार किए जा रहे हैं। गणेशोत्सव पूरे 9 दिनों तक चलेगा। गणेश चतुर्थी से अनंत चतुर्दशी तक गणेशजी की पूजा की जाती है। 23 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन से प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।


मिट्टी से निर्मित प्रतिमाओं का ही विक्रय
इधर नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को अधारताल और आसपास के क्षेत्र में गणेश प्रतिमा स्टॉल की सघन जांच की। स्वास्थ्य अधिकारी जीएस चंदेल ने बताया सहायक स्वास्थ्य अधिकारी आरपी गुप्ता और अन्य स्वास्थ्य निरीक्षकों के साथ जांच की। विक्रेताओं को प्लॉस्टर ऑफ पेरिस का इस्तेमाल नहीं करने और सिर्फ मिट्टी से निर्मित प्रतिमाओं का ही विक्रय करने की समझाइश दी।

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Web Title "Ganesh chaturthi 2018 date in india - ganpati - ganesh chaturthi"