चीनी उद्योग के लिए खुशखबरीः एथेनाॅल के दाम में 25 फीसदी की बढ़ोतरी को कैबिनेट ने दी मंजूरी

By: Ashutosh Kumar Verma

Published On:
Sep, 12 2018 05:01 PM IST

  • बढ़ोतरी के बाद बी-हैवी मोलेसिस एथेनॉल का दाम 52.4 रुपये प्रति लीटर होगा जबकि गन्ना एथेनॉल का दाम 59 रुपये प्रति लीटर होगा। सरकार के इस बड़े कदम देश के चीनी उद्योग के लिए फायदा पहुंचने की उम्मीद है।

नर्इ दिल्ली। बुधवार को यूनियन कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए एथेनाॅल के दाम में 25 फीसदी का इजाफा कर दिया है। बढ़ोतरी के बाद बी-हैवी मोलेसिस एथेनॉल का दाम 52.4 रुपये प्रति लीटर होगा जबकि गन्ना एथेनॉल का दाम 59 रुपये प्रति लीटर होगा। सरकार के इस बड़े कदम देश के चीनी उद्योग के लिए फायदा पहुंचने की उम्मीद जतार्इ जा सकती है। हाल ही में अत्यधिक उत्पादन की वजह से चीनी के दाम में कटौती देखने को मिला था। लेकिन अब सरकार की इस कदम के देश के चीनी मिलों काे राहत मिल सकेगा। बताते चलें कि इससे पहले, सरकार ने चीनी गन्ना के रस से उत्पादित इथेनॉल की कीमत 47.5 रुपये प्रति लीटर तय की थी। वहीं कैबिनेट में आज अनाज की खरीद की नई नीति को भी मंजूरी मिल गई है। अनाज खरीद के 3 फॉर्मूले पर कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है।

हाल ही में सरकार ने एथेनाॅल उत्पादन के लिए दिया था प्रोत्साहन
सरकार के हालिया फैसले से 2018-19 में भारत का चीनी उत्पादन अनुमानित 0.7-0.8 मिलियन टन कम होने की संभावना है। अगर मिलों में गुड़ से सीधे एथेनॉल बनाते हैं तो चीनी उत्पादन में मामूली गिरावट की संभावना है। गौरतलब है कि बीते दिनों सरकार ने गुड़ और गन्ना के रस से एथेनॉल के उत्पादन को प्रोत्साहित करने का फैसला लिया था। हालांकि अनुमानित 35.5 मिलियन टन चीनी उत्पादन की तुलना में गिरावट कमजोर है लेेकिन उद्योग जगत का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है इसके अभी और भी बढ़ने की संभावना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को निर्धारित एक बैठक में बी-हेवी गुड़ से उत्पादित एथेनॉल की खरीद मूल्य बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा की है।


तेल कंपनियों को 2.25 लीटर एथेनाॅल होगा सप्लार्इ
2018-19 में एथेनॉल उत्पादन सत्र, जो दिसंबर 2018 से शुरू होता है, उद्योग का अनुमान है कि लगभग 2.0-2.25 बिलियन लीटर इथेनॉल चीनी कारखानों द्वारा आॅयल रिफाइनरी कंपनियों को सप्लाई किया जायेगा। इनमें से लगभग 400-500 मिलियन लीटर बी-भारी गुड़ से उत्पादित किए जाएंगे। अगले 3-4 वर्षों में चीनी मिलों को नई और ताजा क्षमताएं जोड़ने के बाद, भारत का चीनी उद्योग 10 प्रतिशत मिश्रण के लिए ओएमसी की पूरी मांग को पूरा करने में सक्षम होगा जो 3.3-3.4 मिलियन लीटर है एथेनॉल इनमें से 1 अरब लीटर नई क्षमताओं और लगभग 350 मिलियन लीटर आसवन क्षमता 2018-19 चीनी मौसम के अंत तक जोड़ने की उम्मीद है।

Published On:
Sep, 12 2018 05:01 PM IST

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