मंजूरी के बावजूद यूनिवर्सिटी नहीं खरीद रही इलेक्ट्रिक कार, फ्री में बनाएंगे स्टेशन

By: Reena Sharma

Updated On: 24 Aug 2019, 01:52:22 PM IST

  • ग्रीन एन्वायर्नमेंट पॉलिसी कर चुकी लागू

इंदौर. पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रदेश में सबसे पहले ग्रीन एन्वायर्नमेंट पॉलिसी लागू करने वाली देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी अब इस पॉलिसी को ही गंभीरता से नहीं ले रही। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने सात महीने पहले इलेक्ट्रिक कार खरीदने के कार्य परिषद के प्रस्ताव को मंजूरी के बावजूद ठंडे बस्ते में पटक दिया। जिम्मेदारों का कहना है, शहर के लिहाज से इलेक्ट्रिक कार उपयुक्त नहीं है।

यूनिवर्सिटी में रोज करीब एक दर्जन गाडिय़ों का इस्तेमाल नालंदा से तक्षशिला परिसर के बीच आने-जाने में किया जाता है। इसमें भारी मात्रा में ईंधन खर्च के साथ ही कॉर्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जित होने से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। नैक के पिछले दौरे के मद्देनजर यहां ग्रीन यूनिवर्सिटी पॉलिसी लागू की गई। इसके तहत यूनिवर्सिटी ने जनवरी में इलेक्ट्रिक कार खरीदने का प्रस्ताव बनाया था। कार्यपरिषद की बैठक में इसे मंजूरी भी दे दी गई, लेकिन एक भी इलेक्ट्रिक कार नहीं खरीदी गई।

पांच कार खरीदने पर फ्री में बनाएंगे स्टेशन

रजिस्ट्रार अनिल शर्मा का कहना है, इलेक्ट्रिक कार कितनी सफल है इसका आकलन अभी नहीं किया जा सकता। इलेक्ट्रिक कार एक बार चार्ज होने पर 150 किलोमीटर सफर तय करती है। कार सप्लाय करने वाली कंपनी पांच कारें लेने पर नालंदा और तक्षशिला दोनों परिसर में स्टेशन नि:शुल्क बनवाने को भी राजी है।

Updated On:
24 Aug 2019, 01:52:21 PM IST

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