बेतरतीब बसाहट खा गई इन तालाबों की आव

By: Hussain Ali

Published On:
Aug, 12 2019 03:30 PM IST

  • ढलान पर बस गईं कॉलोनियां, तालाब की चैनल पर ही बना डाली सड़क

इंदौर. राऊ से रालामंडल के बीच तालाबों की बर्बादी को देखने के बाद जब मांगलिया से रालामंडल की ओर आते हैं तो बायपास के दोनों ओर पोखर नजर आते हैं। यह इलाका पहाड़ी नहीं है। मैदानी ढलान को बायपास और टाउनशिप के कंस्ट्रक्शन ने कुछ इस तरह अवरुद्ध किया कि इस इलाके के सभी तालाब में सिर्फ पैंदे तक ही पानी आता है। बदहाल और खाली तलावली चांदा और निपानिया तालाब अपनी कहानी खुद बयां कर रहे हैं।

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लोगों का कहना है कि तलावली चांदा तालाब की आव टाउनशिप, कॉलोनियों व चांदा बस्ती की सड़कों ने रोक दी।?निपानिया तालाब भी इसी तरह बसाहट से घिर गया। रालामंडल के बाद देवगुराडि़या पहाड़ी के बाद से क्षेत्र समतल होने लगाता हैं। क्षेत्र के पानी को बायपास ने दो हिस्सों में बांट दिया, शेष कसर बेतरतीब बसाहट ने पूरी कर दी।

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अतिक्रमण व रहवासी क्षेत्र खा गए तालाब

निपानिया तालाब की पाल पर खड़े बुजुर्ग छगनसिंह राठौर ने बताया, कनाडि़या कांकड़ की चैनल से इतना पानी आता था कि तालाब की पाल से बहते हुए मायाखेड़ी व लसूडि़या क्षेत्र को डूबो देता था। अब तो बसाहट होने पर लोग रहने को घरौंदा तो बना लेंगे, लेकिन पीने का पानी कहां से लाएंगे, यह कोई सोच ही नहीं रहा हैं। हाल में चैनल को जिंदा करने के प्रयास किए गए है, लेकिन पाइप डाल कर तालाब थोड़े ही भरेगा।

टुकड़ों में जमीन खरीद कर बना दी दीवारें

बुजुर्ग बाबूसिंह बोले, देखते-देखते जिसे जहां मन आया प्लॉट काट दिए, सड़क बना दी। बड़े-बड़े इंजीनियर भी इस क्षेत्र में पानी के बहाव की स्थिति को नहीं समझ सके। परिणाम सामने है कि न तालाब में पानी है और न ही जमीन के अंदर।

यहां तालाब देखा तो था

पिपल्याकुमार में लोग बताते हैं कि हमारे तालाब को तो बसाहट लील गई। सब योजनाबद्ध तरीके से किया गया। पहले खेती की जमीन को बंजर बनाया, फिर कॉलोनियां काटीं। तालाब सूखते गए, इन पर कब्जे होते गए। अब स्थिति यह है कि गांव के लोग तालाब ही ढूंढ़ते रह गए।

इन कारणों से सूखे तालाब

बायपास से तलावली चांदा एबी रोड पर निकले वाली सड़क के दोनों ओर बसाहट।

टुकड़ों में बिकी जमीनों पर लोगों ने मकान, मल्टियां, टाउनशिप के परकोटे खींच दिए।
बायपास और इन कॉलोनियों में धरातल से ऊंची-उंची सड़कें बना दी, जिससे पानी की निकासी नहीं हो रही हैं। इनके बीच के गड्डे पानी से भर गए।
नगर निगम व प्रशासन ने इनके रखरखाव व जीर्णोद्वार के नाम पर बेतरतीब खुदाई की।
तलावली में अतिक्रमण
तलावली चांदा का तालाब पहले कॉफी बड़ा होता था। इसके गांव वाले हिस्से की चैनल पर सड़क बना दी गई हैं। इससे इस ओर से आने वाला पानी रोड के एक ओर खेतों में ही भर गया। इस तालाब को ऊपर की ओर से आने वाला पानी ही भरता था। इस रास्ते में अनेक निर्माण हो गए, जिससे तलावली गांव की ओर से आने वाला पानी भी रूक गया।

Published On:
Aug, 12 2019 03:30 PM IST

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