वाअज सुनते वक्त हर कोई रो पड़ा, ऐसा क्या कहा सैयदना साहब ने......

By: Amit Mandloi

Updated On:
12 Sep 2018, 03:51:19 PM IST

  • सैफी नगर में बोहरा समाज के धर्मगुरू ने सुनाई शहादत

इंदौर. बोहरा समाज के ५३वें धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन मौला की वाअज सैफी नगर बोहरा समाजजनोंं को वाअज सुना रहे है। पूरे विश्व से बोहरा समाज के लोग मोहर्रम के अवसर पर वाअज सुनने पहुंचे है। पालकी पर सवार होकर सैयदना वाअज स्थल पर पहुंचे। समाजजन दीदार और वाअज सुनने के लिए पहले से ही पलक पावड़े बिछाए हुए थे। पहले तो समाजजनों को सैयदना ने प्रेम और भाइचारे का संदेश दिया फिर हुसैन की शहादत सुनाई।

शहादत पढते वक्त सैयदना भी काफी दुखी हुए और अपने आंसुओ को रोक नही पाए इस पर समाजजनों के अश्रु भी निकल पड़े पूरा पंाडाल मातम में डुबा। महिलाओं के साथ ही पुरूष अनुयायी भी रो पड़े। यजीद की दास्तान सुनाते हुए सैयदना ने कहा कि खुदा की मर्जी पर हुसैन ने अपनी तलवार जमीन पर पटक कर शहादत दी इसके बाद हुसैन के मातम से पंाडाल गुंज गया। या हुसैन....या हुसैन... करते हुआ बच्चों से लगाकर बूजुर्गों तक ने मातम मनाया।
१०० स्क्रीन से प्रसारण
शहर में बोहरा समाज के लाखों पहुंचे है करीब 40 हजार लोगों के लिए सैफी नगर में सुनने की व्यवस्था की गई है। 100 स्क्रीन के माध्यम से जगह जगह प्रसारण किया जा रहा है। जो लोग प्रवेश नहंी पा सके वे लाइव प्रसारण से वाअज सुन रहे है। मोहर्रम की 2 तारीख (12 सितंबर) से 10 तारीख (20 सितंबर) तक मौला वाअज फरमाएंगे। सैयदना साहब ने समाजजनों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी को द्वेष भूलाकर एक दूसरे से प्रेम रखना चाहिए। किसी से बैर न रखें। अरबी में कुरान ए मजीद की तिलावत पर बयान फरमाते हुए उसका गुजराती व हिंदी में अनुवाद किया। उन्होनें आज के दिन का महत्व बताते हुए कहा कि आज के ही दिन आका हुसैन का घोड़ा कर्बला में अपने आप ही रूक गया था फिर वहीं पर हुसैन दस दिन रूके। समाजजनों को नमाज पाबंदी से पढऩे की सलाह दी।

 

Updated On:
12 Sep 2018, 03:51:19 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।