IT RAID : आयकर टीम के सामने दीवार बनी इंदौर पुलिस, बिना तलाशी नहीं करने दी वापसी

By: Hussain Ali

Published On:
Apr, 10 2019 10:35 AM IST

  • मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के घर, ऑफिसेस पर आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई सोमवार देर रात खत्म हुई।

इंदौर. मुख्यमंत्री कमलनाथ के ओएसडी प्रवीण कक्कड़ के घर, ऑफिसेस पर आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई सोमवार देर रात खत्म हुई। सीआरपीएफ सूचना दिए बगैर कक्कड़ को गिरफ्तार कर दिल्ली न ले जाएं इसलिए इंदौर पुलिस छापा खत्म होते ही दीवार बनकर खड़ी हो गई। पहले आयकर और सीआरपीएफ की गाडिय़ां तलाशी और फिर जाने दिया गया।

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आयकर विभाग की दिल्ली टीम ने रविवार तडक़े कक्कड़ के ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की थी। सोमवार को विभाग ने 281 करोड़ रुपए के बेहिसाब लेन-देन का खुलासा किया। विभाग ने इस पर छापा मारा कि लोकसभा चुनाव के लिए बड़े पैमाने पर नकद राशि जमा कर रखी है, जो हवाला के जरिए अलग-अलग शहरों में पहुंचाई जा रही है। भोपाल में सोमवार को अश्विनी शर्मा के ठिकानों की जांच के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर दिल्ली ले जाने की सूचना पर सीआरपीएफ और पुलिस आमने-सामने हो गए थे। इंदौर में 46 घंटे की जांच के बाद भी कुछ हाथ नहीं लगने पर अफसरों का रवैया काफी बदला नजर आया। इस बीच कक्कड़ को भी पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाने की आशंका पर पुलिस सक्रिय हो गई। छापा खत्म होने से पहले ही कक्कड़ के घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात हो गया था। छापा खत्म कर अफसर बाहर निकले तो पुलिस ने पहले गाड़ी की जांच की। कुछ ही देर बाद कक्कड़ उनके पीछे मुस्कुराते हुए घर से निकले। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।

आयकर विभाग की सघन जांच में कक्कड़ के घर और ऑफिस से 3 से 4 लाख रुपए नकदी ही मिल पाई। इसके अलावा घर और बैंक लॉकर से जो ज्वेलरी मिली उसकी जानकारी भी इनकम टैक्स रिटर्न में दी गई। कक्कड़ के चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए अनिल गर्ग ने आयकर के अफसरों को संपत्ति के रिकॉर्ड सौंप दिए । कक्कड़ के बेटे सलिल ने बताया, आयकर अफसरों को जो राशि मिली है वह घर खर्च के लिए रखी गई थी।

इधर, भाजपा का आरोप-सरकार के इशारे पर पुलिस ने डाली बाधा

भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को इंदौर एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा का तत्काल प्रभाव से ट्रासंफर करने और लोकसभा चुनाव को निष्पक्ष कराने की मांग को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव में निष्पक्षता को लेकर शंका जताते हुए कहा कि 6 अप्रैल की देर रात से आयकर विभाग द्वारा कक्कड़ के यहां छापा मारकर जांच की। इसके बावजूद 7 अप्रैल को कक्कड़ के निवास पर एसएसपी मिश्र ने एसपी यूसुफ कुरैशी के साथ पहुंचकर जांच में बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को बिना बुलाए जांच स्थल पर जाना सीधे तौर पर इशारा करता है कि मुख्यमंत्री के आदेश के चलते एसएसपी द्वारा पद एवं गरिमा के विपरीत कांग्रेस के हित में कार्रवाई करती दिख रही हैं। इस मौके पर भाजपा नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा, वरिष्ठ नेता कृष्णमुरारी मोघे, विधायक रमेश मैंदोला, महेंद्र हार्डिया, अशोक सोमानी, उमेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

Published On:
Apr, 10 2019 10:35 AM IST

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