रात 12 बजे घड़ी के तीनों कांटे मिलते ही बज उठे घंटे-घडि़याल, गूंजा जय कन्हैयालाल की

By: Hussain Ali

Updated On: 24 Aug 2019, 03:31:05 PM IST

  • मंदिरों में घंटे-घडि़याल बज उठे, नंद घर आनंद भयो...जय कन्हैयालाल की... उद्घोष गूंज उठा।

इंदौर. शहर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई गई। गोपाल मंदिर, बांके बिहारी मंदिर सहित कई मंदिरों में सुबह से देर रात तक दर्शन के लिए भीड़ उमड़ी। रात 12 बजे जैसे ही घड़ी के तीनों कांटे मिले मंदिरों में घंटे-घडि़याल बज उठे, नंद घर आनंद भयो...जय कन्हैयालाल की... उद्घोष गूंज उठा। महाआरती हुई और माखन-मिश्री प्रसाद का वितरण हुआ। यशोदा माता मंदिर सहित अन्य मंदिरों में शनिवार और रविवार को भी जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

रात 12 बजे घड़ी के तीनों कांटे मिलते ही बज उठे घंटे-घडि़याल, गूंजा जय कन्हैयालाल की

4 क्विंटल पंजेरी का वितरण

गोपाल मंदिर के गर्भगृह को फूलों से सजाया गया। सुबह अभिषेक, पूजन के साथ ही भगवान का शृंगार किया गया। दिन में भजन का आयोजन हुआ। रात में 11 ब्राह्मणों द्वारा विशेष अभिषेक किया गया। रात 12 बजे कृष्ण जन्म पर महाआरती हुई। 12.15 बजे 4 क्विंटल पंजेरी प्रसाद का वितरण हुआ।

रात 12 बजे घड़ी के तीनों कांटे मिलते ही बज उठे घंटे-घडि़याल, गूंजा जय कन्हैयालाल की

भक्तों ने झुलाया झूला

होलकरकालीन बांकेबिहारी मंदिर में भक्तों ने कन्हैया को विशेष झूले पर झुलाया। दिनभर विशेष पूजा-पाठ के साथ विशेष बैंड पर भजन संध्या हुई। कृष्ण जन्म की महाआरती और भक्तों को माखन-मिश्रा का प्रसाद का वितरण हुआ।

श्रीविद्याधाम पर गोदुग्धाभिषेक

श्री श्रीविद्याधाम पर आश्रम के महामंडलेश्वर स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती के सान्निध्य में 51 विद्वानों द्वारा आचार्य पं. राजेश शर्मा के निर्देशन में सुबह भगवान कृष्ण का तुलसीदल, सफेद तिल्ली एवं पुष्पों से सहस्रार्चन किया गया। गोदुग्ध से अभिषेक एवं शृंगार के बाद रात्रि 12 बजे जन्मोत्सव आरती हुई। शनिवार को नंदोत्सव मनाया जाएगा।

रात 12 बजे घड़ी के तीनों कांटे मिलते ही बज उठे घंटे-घडि़याल, गूंजा जय कन्हैयालाल की

बालरूप का हरियाली से शृंगार

एमओजी लाइंस स्थित महाप्रचंड हनुमान मंदिर संतश्री लादूनाथ महाराज गुरु आश्रम न्यास समिति द्वारा जन्माष्टमी पर दो दिवसीय उत्सव का शुभारंभ महंत रामकिशन के सान्निध्य में हुआ। भगवान के बालस्वरूप को हरियाली एवं सोलह शृंगार से सजाया गया। रात में भजन-संकीर्तन, षोडशोपचार पूजन तथा 12 बजे जन्मोत्सव की आरती हुई। शनिवार को नंदोत्सव मनाया जाएगा।

हंसदास मठ पर झूलन लीला

पीलियाखाल बड़ा गणपति स्थित हंसदास मठ पर सुबह से भक्त उमड़ते रहे। संध्या को झूलन लीला उत्सव हुआ। राधा-कृष्ण मंदिर में लड्डूगोपाल की झांकी सजाई गई। रणछोड़ मंदिर में ब्रह्मांड में चंद्रमा पर रणछोडज़ी को विराजित किया गया। श्रीकृष्ण जन्म का मुख्य उत्सव शनिवार रात्रि 12 बजे मनेगा। शालिगराम व लड्डूगोपाल का गोपाल सहस्रनाम पाठ एवं श्रीसूक्त से अभिषेक होगा। भगवान के नौका विहार की झांकी भी सजेगी।

रात 12 बजे घड़ी के तीनों कांटे मिलते ही बज उठे घंटे-घडि़याल, गूंजा जय कन्हैयालाल की

यहां भी हुए आयोजन

श्री दामोदरवंशीय जूना गुजराती दर्जी समाज व नवयुवक मंडल द्वारा दामोदर नगर स्थित श्री गुरु टेकचंदधाम धर्मशाला व पीपली बाजार स्थित श्रीराम मंदिर पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान महाआरती का आयोजन किया गया।

आज यहां आयोजन

प्राचीन यशोदा माता मंदिर में भक्तों को खिचड़ी, पंजेरी और माखन-मिश्री प्रसाद का वितरण होगा। गोवर्धननाथ मंदिर, गीता भवन सहित कई मंदिरों में जन्माष्टमी मनाई जाएगी।

इस्कॉन मंदिर

श्रीश्री राधा-गोविंद भगवान के दर्शन होंगे। 7 बजे संध्या आरती, 7.30 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम, 10.30 बजे अभिषेक और 12 बजे महाआरती होगी। रविवार को नंदोत्सव एवं प्रभुपाद व्यास पूजन होगा।

गीता भवन

गीता भवन में जन्माष्टमी पर सुबह से जन्मोत्सव आरती तक विभिन्न आयोजन होंगे। हरिद्वार के स्वामी सर्वेश चैतन्य के प्रवचन, महिला मंडल द्वारा भजन-संकीर्तन, संतों के प्रवचन, भजन संध्या एवं रात्रि 12 बजे जन्मोत्सव आरती के बाद प्रसाद वितरण होगा।

अहिल्या गोशाला

केसरबाग रोड स्थित अहिल्या माता गोशाला पर शनिवार दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक कृष्ण भक्त सप्त गोमाता मंदिर प्रांगण में गो-मिलन उत्सव का आयोजन होगा। गोशाला प्रबंध समिति के अध्यक्ष रवि सेठी ने बताया, दोपहर 4.30 बजे आरती होगी।

वेंकटेश मंदिर

छत्रीबाग स्थित लक्ष्मी वेंकटेश देवस्थान में जगदगुरु रामानुजाचार्य नागोरिया पीठाधिपति विष्णुप्रपन्नाचार्य के मंगल शासन में रोहिणी नक्षत्र में 24 अगस्त को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। सुबह वेंकटरमण गोविंदा श्रीनिवासा गोविंदा नाम जप परिक्रमा होगी, इसके बाद प्रभु का एकांत अभिषेक किया जाएगा। शाम सात बजे स्तोत्र पाठ और भजन होंगे। रात्रि 12 बजे घंटे-घडिय़ाल बजने लगेंगे और पट खुलते ही जन्म आरती होगी। पंकज तोतला ने बताया, प्रभु का कृष्ण स्वरूप में श्रृंगार होगा, झूलों में लड्डू गोपाल को बैठाया जाएगा।

Updated On:
24 Aug 2019, 03:15:34 PM IST

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