इन्सेंटिव का झांसा देकर एडवाइजरी कंपनी कराती थी कर्मचारियों से ठगी

By: Hussain Ali

Updated On:
12 Aug 2019, 04:06:23 PM IST

  • स्टार इंडिया मार्केट रिसर्च पर छापे का मामला: आठ कर्मचारी गिरफ्तार

इंदौर. शेयर बाजार में निवेश के नाम पर लोगों से पैसा जमा कराने के बदले एडवायजरी कंपनी कर्मचारियों को इन्सेंटिव देती। ग्राहकों का डाटा खरीदकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा था।

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शनिवार को पुलिस ने छोटी ग्वालटोली इलाके में कार्पोरेट हाउस स्थित स्टार इंडिया मार्केट रिसर्च कंपनी पर छापा मार दत्तात्रेय बेलगांवकर (55) निवासी पुणे की रिपोर्ट पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। एएसपी अनिल पाटीदार ने बताया, मामले में गिरफ्तार श्रेय व्यास (30) निवासी देवास, छत्रपाल सिंह लोधी (32) निवासी कनाडिय़ा रोड, मानवेंद्र सिंह (29) निवासी स्कीम 94, सचिन अहीर (32) निवासी नंदानगर, कपिल नेमा (36) निवासी नीमा नगर को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। वहीं कर्मचारी मनीष त्रिवेदी (26) निवासी कृष्णकुंज कॉलोनी, सपना वर्मा (33) व निकिता खारिया (32) निवासी महालक्ष्मी नगर को जेल भेज दिया। कंपनी मालिक धर्मेंद्र लोधी की तलाश की जा रही है, उसके भाई छत्रपाल सिंह को पकड़ा है। जांच में पता चला कि कर्मचारियों को निवेश कराने का टॉरगेट दिया जाता। 40 हजार रुपए निवेश कराने पर उसे दो हजार रुपए इन्सेंटिव मिलता। इसी तरह 60 हजार पर चार हजार, 80 हजार रुपए पर सात हजार, एक लाख रुपए पर दस हजार, सवा लाख रुपए पर बारह हजार, पौने दो लाख रुपए पर बाईस हजार, सवा दो लाख रुपए पर बत्तीस हजार रुपए का इन्सेंटिव दिया जाता। इसके लालच में कर्मचारी लोगों से बड़े मुनाफे का लालच देकर निवेश कराते।

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शिकायत का फर्जी पत्र दिखाकर डराते थे

कंपनी के दफ्तर से थाना प्रभारी और मुख्यमंत्री राजस्थान को की गई शिकायत के दो पत्र भी मिले। दोनों पत्र फर्जी हैं, कंपनी अधिकारी मध्यप्रदेश और राजस्थान का कोई ग्राहक शिकायत करने आता तो इन पत्रों में उसका नाम लिख देते और फिर डराते की तुम्हारे खिलाफ कंपनी शिकायत कर चुकी है। इसके जरिए ग्राहक पर समझौते के लिए दबाव बनाया जाता।

उपकरण जब्त किए

पुलिस रविवार को स्टार इंडिया कंपनी के मालिक निशांत चतुर्वेदी को लेकर उसके ऑफिस पहुंची। यहां से कम्प्यूटर, हार्ड वेयर व अन्य अपकरण जब्त किए। निशांत अपने कर्मचारियों की मार्कशीट व चेक लेकर रखता था। कोई नौकरी छोड़ता तो चेक बैंक में लगा देता। सैलेरी के लिए जिन दस्तावेज पर साइन कराता उसमें व वास्तविक राशि में अंतर रहता। फोरेंङ्क्षसक जांच में कई खुलासे हो सकते हैं।

पुलिस बोली-?कंपनी के बहकावे में न आएं

एडवाइजरी कंपनी के लिए पुलिस दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है। इसमें कहा है, किसी भी कंपनी के बहकावे में न आएं। कार्रवाई के बाद कई कंपनियां अपना कारोबार समेट चुकी हैं। कई बंद होने की कगार पर हैं। अब ऐसी कंपनियों की जांच चल रही है, जो गलत पते व ब्लैक लिस्टेड होने के बाद भी चल रही हैं। पुलिस इनके ऑफिस किराए पर देने वालों पर भी शिकंजा कसेगी।

Updated On:
12 Aug 2019, 04:06:23 PM IST

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