Video : धुर नक्सली क्षेत्र में रेलवे ने बढ़ाया कदम, 112 किमी की स्पीड से दौड़ी ट्रेन

By: Satyanarayan Shukla

Updated On:
27 Mar 2019, 11:30:00 PM IST

 
  • एसएसबी की कड़ी सुरक्षा के साए में बुधवार को रेलवे की सेफ्टी टीम ने भानुप्रतापपुर से केवटी तक तैयार 8 किलोमीटर के रेलवे ट्रेक का निरीक्षण और उसमें ट्रेन का ट्रायल किया। 112 किमी प्रतिघंटे की स्पीड से ट्रेन महज 6 मिनट में केवटी स्टेशन पहुंची तो लोगों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।

भिलाई@Patrika. एसएसबी की कड़ी सुरक्षा के साए में बुधवार को रेलवे की सेफ्टी टीम ने भानुप्रतापपुर से केवटी तक तैयार 8 किलोमीटर के रेलवे ट्रेक का निरीक्षण और उसमें ट्रेन का ट्रायल किया। सुबह ठीक 11 बजे भानुप्रतापपुर स्टेशन पर स्पेशल ट्रेन पहुंची और आते ही रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर सहित डीआरएम एवं इंजीनियरर्स ने 8 किलोमीटर की रेललाइन का निरीक्षण किया। विंडो ट्राली में 8.2 किलोमीटर का सफर ढाई घंटे में तय कर सेफ्टी टीम ने पटरियों को इतनी बारीकी से देखा ट्रेन के ट्रायल से पहले पूरी तरह से सुरक्षा की तसल्ली हो जाए। दोपहर करीब ढाई बजे जब भानुप्रतापपुर से ट्रेन 112 किमी प्रतिघंटे की स्पीड से ट्रेन महज 6 मिनट में केवटी स्टेशन पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर इसका स्वागत किया।

रावघाट की लाइफलाइन माने जाने वाले इस रेलवे ट्रेक में केवटी स्टेशन तक का काम पूरा

रावघाट की लाइफलाइन माने जाने वाले इस रेलवे ट्रेक में केवटी स्टेशन तक का काम पूरा हो चुका है। बुधवार को रेलवे की सेफ्टी और टेक्नीकल टीम ने इसकी ओके रिपोर्ट भी दे दी है। अब चंद दिनों में ही यहां पैसेंजर दौडऩे लगेगी। इस ट्रेक का निरीक्षण करने एके राय आयुक्त रेलवे सेफ्टी, मंडल रेल प्रबंधक कौशल किशोर, प्रधान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, सोनवीर सिंह, मुख्य ट्रैक इंजीनियर बीआर कनवार मुख्य योजना प्रबंधक, आरवीएनएल. आनंद सिंह सहित बिलासपुर मुख्यालय के अधिकारी तथा रायपुर रेल मंडल के अधिकारी उपस्थित थे।

कमिश्नर से दी हरी झंडी
निरीक्षण और ट्रेन के ट्रायल के बाद रेलवे के सेफ्टी कमीश्नर एके राय ने इस ट्रेक में टे्रन चलाने हरी झंडी दे दी है। उन्होंने रेलवे को ओके रिपोर्ट देकर इस ट्रेक को ट्रेन के लिए परफेक्ट बताया। इस निरीक्षण के दौरान कमिश्नर राय ने खांडी नदी के पुल सहित केवटी तक पडऩे वाले करीब आधा दर्जन छोटे-छोटे पुलियों का भी निरीक्षण किया।@Patrika. रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि रेललाइन का कार्य पूरा होने के बाद आयुक्त रेलवे सेफ्टी इसका निरीक्षण करते हैं और उनकी अनुमति के बाद ही गाडियों का परिचालन प्रारंभ होता है। इसी संदर्भ में एके राय, एसई सर्कल के कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी दक्षिण पूर्व सर्कल, कोलकाता यहां पहुंचे थे।

पहले चरण में 95 किलोमीटर
दल्लीराजहरा-रावघाट-जगदलपुर परियोजना कुल 235 किलोमीटर तक रेल लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, एनएमडीसी, आरवीएनएल. के संयुक्त प्रयास से बिछाई जा रही रेललाइन के प्रथम चरण में 95 किलोमीटर तक जाने का लक्ष्य रखा है। @Patrika. जिसके तहत दल्ली राजहरा से भानुप्रतापपुर तक कुल 34 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई जा चुकी है। अब इसमें केवटी तक 8.2 किलोमीटर का विस्तार कर लिया गया है।

 

bhilai patrika

अप्रैल के पहले पखवाड़े दौड़ेगी पैसेंजर
रेलवे अधिकारियों की मानें तो आयुक्त के निरीक्षण के बाद अगले 10 से 12 दिनों के भीतर भानुप्रपातपुर तक आने वाली पैसेंजर को केवटी तक बढ़ाया जाएगा। @Patrika. केवटी में रेलवे स्टेशन भी बनकर तैयार हो गया है जिसमें अब केवल फिनिशिंग का काम ही किया जा रहा है।

7 महीने में अंतागढ़ का टारगेट
अक्टूबर तक अंतागढ़ का टारगेट केवटी से अंतागढ़ की दूरी 18 किलोमीटर की है और यहां भी कुछ पुल-पुलियों को छोड़ दिया जाए तो पटरी बिछाने का काम पूरा होने को है। @Patrika.रेलवे अधिकारी की मानें तो अक्टूबर तक अंतागढ़ तक की रेललाइन का काम भी पूरा हो जाएगा। जिससे बाद अंतागढ़ से रावघाट से आने वाले माइंस को रेल के रास्ते बीएसपी भेजा जा सकेगा।

बंदूक का साया हमेशा साथ
ट्रायल के दौरान रावघाट की सुरक्षा में लगी सशस्त्र सीमा बल के जवान पूरे वक्त साए की तरह साथ रहे। भानुप्रतापपुर स्टेशन में 33 बटालियन के कमांडेंट अशोक कुमार ठाकुर अपनी टीम के साथ मौजूद थे। @Patrika. वहीं केवटी तक चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात थे। विंडो ट्राली के आगे भी सबसे पहले एसएसबी के जवान रहे।

Updated On:
27 Mar 2019, 11:30:00 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।