स्कूलों में दम तोड़ रहा वोकेशनल कोर्स

By: yashwant janoriya

Published On:
Aug, 12 2019 05:23 PM IST

  • - कक्षा 11 और 12 के बच्चों के लिए सरकार ने किया शुरू
    - प्रचार और प्रशिक्षण आदि के अभाव में घट रही बच्चों की संख्या

इटारसी. स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 से 12 तक के बच्चों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने के लिए 90 के दशक में सरकारी स्कूलों में पुरानी वोकेेशनल शिक्षा का पाठ्यक्रम शुरू किया है, लेकिन अधिकारियों की अरूचि के चलते यह शिक्षा दम तोड़ चुकी है। हालांकि कुछ स्कूलों में चल रही है, लेकिन छात्रों को कोई फायदा नहीं मिल रहा है। हाल ही में दो साल पहले नया वोकेशनल कोर्स भी लागू कर दिया, लेकिन यह भी दम तोड़ रही है, इसके बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
इटारसी के कन्या शाला में 150 छात्राएं औेर बॉयज स्कूल में केवल दो छात्राएं है, हालांकि शासन ने यहां एक- दो ट्रेड को ही मंजूरी दी है।
प्रदेश सरकार ने सबसे पहले 1990 में चुनिंदा सरकारी हायर सेकंडरी स्कूलों में पारंपरिक विषयों के साथ व्यावसायिक शिक्षा शुरू की थी। बताया जाता है कि इसके तहत इटारसी के एकमात्र बॉयज हायर सेकेंड्री शाला में वक्त 31 ट्रेड शुरु किए थे, जिसमें ऑफिस मैनेजमेंट, कम्पयूटर रिपेयरिंग, एग्रीकल्चर, इलेट्रानिक्स आदि शामिल है। उस वक्त आधे दर्जन व्याख्याता भी रखे गए थे। इस ट्रेड के लिए 20-25 बच्चे ही प्रवेश लेते थे।
सरकारी उदासीनता से बंद करने पड़े ट्रेड
बताया जाता है कि 2000 के आसपास स्कूल प्रबंधन से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों की लापरवाही और अरूचि से ये ट्रेड बंद होते गए। इनके पदस्थ व्याख्याताओं को विभाग ने शिक्षा विभाग के कार्यालयों में अन्य कामों के लिए पदस्थ कर दिया। नतीजन धीरे- धीरे बच्चों की संख्या भी घटती गई, वही कुछ ट्रेड बंद होते गए।
इटारसी बायज में केवल एक ही ट्रेड, सिर्फ दो बच्चे
पुराने वोकेशनल कोर्स केवल पुराने इटारसी के बॉयज स्कूल में चल रहा है, जिसमें केवल एक ट्रेड इलेक्ट्रानिक्स और इलेक्ट्रिकल रिपेयरिंग (रेडियो- टीवी) जिंदा है, लेकिन जिम्मेदारों द्वारा इसके संचालन में कोई रूचि नहीं लिए जाने से इसमें केवल दो बच्चे ही प्रवेश लिया है। इस ट्रेड को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक पदस्थ है। जो नियमित कक्षाएं ले रहे हैं। वही स्कूल प्रबंधन का मानना है कि इस ट्रेड का पहले से शिक्षा विभाग प्रचार प्रसार करती, तो बच्चे और संख्या में आते। फिर भी स्कूल स्तर पर प्रयास जारी है।
नए वोकेशनल में दो ट्रेड, छात्राएं भी कम
इटारसी के सूरजगंज स्थित कन्या शाला में 2018 में नए वोकेशनल कोर्स शासन ने शुरू किया है। इसमें ट्रैवल टूरिज्म और हेल्थ केयर ट्रेड हैं। जिसमें 10 की 80 और 11 वी की 70 मिलाकर कुल 150 छात्राएं पढ़ रही है। यहां के प्राचार्य अखिलेश शुक्ला ने बताया कि हमारे पास शिक्षक और सुविधाएं है, लेकिन शासन स्तर पर प्रचार प्रसार का अभाव होने से कम संख्या में छात्राएं ये विषय ले रही है।
जिम्मेदारों की रूचि नहीं, कम हो रहे बच्चे
बताया जाता है कि स्कूल प्रबंधन स्थानीय स्तर पर इस कोर्स को अच्छी तरह से चलाने को तैयार है, लेकिन शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की रूचि बिल्कुल नहीं है। इस कारण इन कोर्सेस में एडमिशन कम होते जा रहे हैं। वही शिक्षा विभाग इन ट्रेडों में भर्ती किए गए शिक्षकों से बाबूगिरी का काम अपने विभाग में करा रहा है। इससे ये कोर्सस औपचारिकता तक सीमित रह गए हैं।
बच्चों को नहीं मिल रहा फायदा
सरकारी शालाओं में पुराने वोकेशनल और नए वोकेशनल के तहत सीमित ट्रेड चल रहे हंै, लेकिन इसका फायदा बच्चों को नहीं मिला है। बच्चों को केवल किताबी ज्ञान दिया जा रहा है। प्रायोगिक प्रशिक्षण की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में पैरेंट्स भी बच्चों को कोर्स में प्रवेश दिलाने में तैयारी नहीं हो रहे हैं।
शासन स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को रोजगारोन्मुखी बनाने लागू की है। पुरानी और नई व्यावसायिक शिक्षा को टेक्नोलॉजी के साथ अपडेट भी कर रही है। इसका पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी हो रहा है। फिर भी बच्चे इसमें कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं तो अभिभावकों को बच्चों को सरकारी स्कूलों में इस शिक्षा का लाभ लेने प्रेरित करना चाहिए।
रवि सिंह बघेल, जिला शिक्षा अधिकारी, होशंगाबाद
इस शाला में पुरानी वोकेशनल का ट्रेड लागू है। मैं हाल ही में यहां ज्वाइन किया हूं। मुझे पता चला कि इस ट्रेड में बच्चे कम संख्या में प्रवेश लिए है। मैं प्रयास करूंगा कि बच्चे अधिक संख्या में इसमें आए। इसके लिए व्व्यापक प्रचार- प्रसार करेंगे। साथ ही शाला में इस ट्रेड के लिए जरूरी सुविधाएं दिलाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करूंगा।
- एनपी चौधरी, प्राचार्य, शासकीय बॉयज हासे स्कूल इटारसी

Published On:
Aug, 12 2019 05:23 PM IST

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