कोयल और गौरैया हो रही गायब, एसटीआर में पहली बार दिखा नार्दर्न पिनटेल

By: Sandeep Nayak

Updated On: 26 Apr 2019, 12:33:20 PM IST

  • एसटीआर में मिलीं पक्षियों की 257 प्रजातियां

 

सोहागपुर। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पक्षियों की 257 प्रजातियां हैं। इसका खुलासा फरवरी 2019 में हुए तीन दिवसीय सर्वे की रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट में पता चला है कि कोयल और गौरैया अब बहुत कम हो रही हैं। बर्ड वाचिंग सर्वे रिपोर्ट के अनुसार कोयल सबसे कम दिखाई देने वाले पक्षियों की सूची में 10 वें स्थान पर है। जबकि गली मोहल्लों में आसानी से दिखने वाली गौरैया मात्र 201 ही दिखी। एसटीआर में सर्वाधिक बार देखे गए पक्षी नार्दर्न पिनटेल की संख्या लगभग 1800 बताई गई है। मढ़ई रेंज ऑफिसर मुकेश डुडवे के अनुसार रिपोर्ट इस मामले में उत्साहजनक है कि प्राय: एसटीआर में बाघ को देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या अधिक होती है। लेकिन अब पक्षी प्रेमी भी एसटीआर में आने लगे हैं।


रिपोर्ट की खास बातेें
रिपोर्ट में उल्लेख है कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व भारतीय उपमहाद्वीप का लगभग मध्य का क्षेत्र है, इसलिए यहां उपमहाद्वीय क्षेत्र के लगभग सभी प्रजातियों के पक्षी आते हैं। यहां की प्राकृतिक स्थितियां पक्षियों के अनुकूल हैं अर्थात् यहां वे पक्षी भी आते हैं, जिन्हें पहाडिय़ों में रहना पसंद हैै। या वे पक्षी भी आते हैं, जिन्हेंं जलस्त्रोतों के करीब या घाटियों में या तराईयों में या फिर मैदानी क्षेत्रों में रहना पसंद है। चूंकि ये सब प्राकृतिक परिस्थितियां एसटीआर में उपलब्ध हैं, इसलिए यहां सभी पक्षी आते हैं।

 

यह हुआ था सर्वे में
दो, तीन व चार फरवरी को हुए सर्वे में 37 सर्वे टीमों में 140 पक्षी प्रेमी थे। इन्होंने जानकारी जुटाकर और देखे गए पक्षियों की तस्वीर इ-बर्ज एप पर पोस्ट की थी। रिपोर्ट के अनुसार पहले दिन 1410, दूसरे दिन 19319 तथा तीसरे दिन 2599 पक्षी देखे गए थे। पहले दिन 100, दूसरे दिन 254 व तीसरे दिन 163 प्रजातियां देखी गई थीं।


यह रहे अन्य विवरण

रिपोर्ट अनुसार 50 पक्षी ऐसे रहे जो 100 से अधिक दिखे। जिनमें नार्दर्न पिनटेल को 1817 बार देखा गया। दूसरे स्थान पर बार हेडेड गूज को 1535 बार, प्लम हेडेड पेराकीट को 1491 बार तथा जंगल बेबलर को 1122 बार देखा गया है। 77 पक्षी 100 से कम संख्या में अर्थात् बहुत ही कम दिखाई दिए। इन पक्षियोंं की सूची में कोयल 10 वें स्थान पर शामिल है।

पहली बार दिखे सात पक्षी

सात पक्षी एसटीआर में प्रथम बार देखे गए। इनमें अल्पाईन स्विफ्ट, पेंटेड सेंडग्रॉस, ब्लैक टैल्ड गॉडविट, लेसर फिश-ईगल, लेसर यलोपेन, लांग टैल्ड मिनिवेट व बैंक स्वालॉव शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार एसटीआर में पक्षियों की 257 तथा होशंगाबाद जिले में 330 प्रजातियां पाई जाती हैं। एसटीआर असिस्टेंट डायरेक्टर आरएस भदौरिया ने बताया कि पक्षी सर्वे अब तक का भारत का सबसे बड़ा सर्वे है। रिपोर्ट रिलीज होने के बाद अब बाहरी अधिकारियों की भी बार-बार सूचना आ रही है कि पक्षियों की सूची भेजी जाए तथा इंक्वायरी की जा रही है।


बढ़ सकता है राजस्व

रिपोर्ट अनुसार पर्यटक बाघ देखने एसटीआर आते थे। लेकिन अब पक्षी प्रेमी बर्ड वाचिंग के लिए भी आते हैं। रिपोर्ट अनुसार बर्ड वॉचर पर्यटकों से एसटीआर का राजस्व बढ़ सकता है। अर्थात् बाघ के बाद अब सुंदर पक्षियों की उपस्थिति भी पर्यटकों के एसटीआर की ओर आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।
आरएस भदौरिया, असिस्टेेंट डायरेक्टर, मढ़ई, एसटीआर।

बढ़ेंगे सीरियस बर्ड वॉचर

पहली बार क्षेत्र में इतना बड़ा पक्षी सर्वे हुआ है, जिसमें ज्ञात हुआ हैै कि 257 प्रजातियों में पक्षी पाए जाते हैं कई प्रजातियां पहली बार दिखी। सकारात्मक रूप से सोचें तो रिपोर्ट से आशा बढ़ी है कि अब सीरियस बर्ड वॉचर भी एसटीआर में आएंगे तथा पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
एसके सिंह, फील्ड डायरेक्टर, एसटीआर, होशंगाबाद।

Updated On:
26 Apr 2019, 12:33:19 PM IST

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