1400 में से 120 ईवीएम में निकली गड़बड़ी

By: Devendra Kumar Awadhiya

Published On:
Sep, 12 2018 12:35 PM IST

  • जिला निर्वाचन कार्यालय ने बैंगलौर कंपनी को वापस भेजी मशीनें, 27 सितंबर को किया जाएगा मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

होशंगाबाद. जिले में विस चुनाव 2018 के लिए आईं 1400 ईवीएम की फस्र्ट एफएलसी का का पूरा हो गया है। जिसमें 120 ईवीएम मशीनें खराब निकलीं हैं। इन्हें जिला निर्वाचन कार्यालय ने बैंगलौर कंपनी को वापस भेजा है। इसके बदले नई ईवीएम एक सप्ताह में मिल जाएंगी। इन मशीनों को राजनीतिक दलों की आपत्ति के बाद बदला जा रहा है। इधर, जिले की चारों विस के लिए 1520 वीपीपेट मशीनें भी आ गई है। प्रत्येक मतदान केंद्र पर इन दोनों मशीनों का प्रदर्शन कर लोगों के भ्रम को दूर किया जा रहा है। मतदाता पुनरीक्षण का काम पूरा होने के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 27 सितंबर को किया जाएगा।
चुनाव के एलान का इंतजार
जिला प्रशासन ने विस चुनाव से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली है। मतदान की तिथि का इंतजार है। चारों विस क्षेत्रों के लिए आईं 1400 ईवीएम के फस्र्ट एफएसएल में खराब निकलीं 120 ईवीएम को बदला जा रहा है। जिले में कुल 8 लाख 53 हजार मतदाता के लिए 1174 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। अभी आवेदनों के फीडिंग का काम जारी है।
आयोग के निर्देश पर दूसरी टेस्टिंग होगी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी आदित्य रिछारिया ने बताया कि ईवीएम के फस्र्ट एफएसएल के बाद आयोग के निर्देश पर दूसरी टेस्टिंग भी की जाएगी। आयोग के निर्देश पर जिले में मतदाता जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। जिसमें शतप्रतिशत मतदान पर जोर दिया जा रहा है।

कलेक्टर-एसपी पारदर्शिता से कार्रवाई करें
होशंगाबाद. प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीकांता राव ने मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए जिले में विस चुनाव की प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता से कार्य करें। किसी भी सरकारी कर्मचारी-अधिकारी की दल विशेष से संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मोटर व्हीकल एक्ट, संपत्ति विरुपण अधिनियम, आबकारी के मामलों में सख्ती से कार्रवाई करें। प्रशासन की पारदर्शिता प्रत्येक मामले में होनी चाहिए। कलेक्टर एवं एसपी अपने अधिकारों का खुलकर उपयोग करें। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने चुनाव की तैयारियों से संतोष जताया। वाहनों की जांच कर नंबर प्लेट से पार्टी के झंडे, चुनाव चिन्ह, पदनाम पट्टिकाएं, सायरन, हूटर हटाएं जाएं। सरकारी संपत्तियों पर से दलगत पोस्टर, बैनर, फ्लैक्स आदि प्रचार सामग्री भी हटाई जाए। कार्रवाईयों में कांस्टेबल से लेकर एसपी तक की कार्यशैली पूरी तरह निष्पक्ष व निर्भीक ढंग से होनी चाहिए।

Published On:
Sep, 12 2018 12:35 PM IST