Tawa and Satpura Dam Gate - झमाझम बारिश : तवा के 11 और सतपुड़ा डैम के 7 गेट खोले, बिल नदी में फंसा ट्रक

By: Sandeep Nayak

Updated On: 24 Aug 2019, 01:06:21 PM IST

  • पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर

होशंगाबाद। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण डेमों में पानी की भरपूर आवक बनी हुई है। इस कारण बैतूल जिले के सतपुड़ा डैम और इटारसी के तवा डैम के गेट शनिवार को फिर से खोले गए। तवा डैम के गेट इस सीजन में तीसरी बार खोले गए हैं। तीन साल में यह पहला मौका है जब एक एक ही सीजन में तवा के गेट तीन बार खोले गए हैं। वहीं सतपुड़ा डैम सारनी के भी 7 गेट 8-8 फ़ीट तक खोले गए हैं तवा में 50 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। तवाडेम के 11 गेटों से 7-7 फीट खोलकर 1 लाख 34 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है,ज्यादा पानी आने से गेटो की सख्या 11 से 13 की जा सकती है। इधर, बैतूल के आमला में बिल नदी में गिट्टी से भरा एक ट्रक फंस गया।


सतपुड़ा का जलस्तर लगातार बढ़ा
पहाड़ी क्षेत्रों में रात से जारी झमाझम बारिश से सतपुड़ा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। रात में 3 गेट 3-3 फ़ीट की ऊंचाई पर खोलकर प्रति सेकंड 8 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा। सुबह 7 बजे गेटों की संख्या 7 और ऊंचाई 8-8 फ़ीट करके सतपुड़ा से प्रति सेकंड लगभग 50 हजार कैसे पानी तवा नदी में छोड़ा गया। बाढ़ के चलते पुनर्वास कैंप चोपना क्षेत्र के 32 गांवों का संपर्क शहरी क्षेत्र से टूट गया है। ग्रामीणों को आवागमन करने लंबी दूरी और मुश्किल भरा सफर तय करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इधर राजडोह नदी पर भी सुबह से नाव चालन बंद है। बीते 24 घंटे में सारनी क्षेत्र में जहां 45 एमएम बरसात दर्ज की गई। वहीं बगडोना, पाथाखेड़ा क्षेत्र में 85 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई। सारनी क्षेत्र में अब तक 945 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। रात से सुबह तक जारी तेज बरसात के चलते सभी नदी, नाले उफान पर है।

Updated On:
24 Aug 2019, 11:57:38 AM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।