आज का पंचांग 12 सितंबर 2018: हरतालिका तीज व्रत आज

By: Tanvi Sharma

Updated On:
12 Sep 2018, 11:11:40 AM IST

  • आज का पंचांग 12 सितंबर 2018: हरतालिका तीज व्रत आज

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति भाद्रपद 21 शक संवत् 1940 भाद्रपद शुक्ल तृतीया बुधवार विक्रम संवत् 2075। सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे। 27 मुहर्रम 01, हिजरी 1440 तदनुसार अंग्रेजी तारीख 12 सितम्बर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, उत्तर गोल, शरद ऋतु।

राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 1 बजकर 30 तक। तृतीया तिथि सायं 4 बजकर 8 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ। चित्रा नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 1 बजकर 7 मिनट तक उपरांत स्वाती नक्षत्र का आरंभ, ब्रह्मयोग अर्धरात्रोत्तर 2 बजकर 25 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ। चन्द्रमा अपराह्न 1 बजकर 13 मिनट तक कन्या उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में हरितालिका तीज का पूजन करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

आज ही भद्रा अर्धरात्रोत्तर 3 बजकर 30 मिनट से, हरतालिका, तृतीया, गौरी तृतीया, कलंक चतुर्थी (चन्द्र दर्शन-निषेध) चन्द्रास्त रात्रि 8 बजकर 38 मिनट (जालन्धर) पत्थर चौथ, श्री वराह जयन्ती, मुहर्रम (मुस्लिम) सम्वत् 1440 हिजरी प्रारंभ।

आज जन्में बच्चे
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (पे, पो, रा, री, रू) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से कोमल होंगे। इनका स्वभाव संशयी रहेगा। प्रायः सौन्दर्य अभिलाशी व परिधान के प्रेमी रहेंगे। ऐसे जातक वैज्ञानिक व प्रदर्शनरहित जीवन जीने वाले होंगे।

पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।

Updated On:
12 Sep 2018, 11:11:40 AM IST

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