आज का पंचांग 09 सितंबर 2018: भाद्रपद कृष्ण अमावस्या आज

By: Tanvi Sharma

Published On:
Sep, 09 2018 10:36 AM IST

  • आज का पंचांग 09 सितंबर 2018: भाद्रपद कृष्ण अमावस्या आज

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति भाद्रपद 18 शक संवत् 1940 भाद्रपद कृष्ण अमावस्या रविवार विक्रम संवत् 2075। सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे। 24 जिल्हिजा 28, हिजरी 1439 तदनुसार अंग्रेजी तारीख 9 सितंबर सन् 2018 ई०। दक्षिणायण, उत्तर गोल, शरद ऋतु।

राहुकाल सायं 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक। अमावस्या तिथि रात्रि 11 बजकर 32 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ, मघा नक्षत्र प्रातः 8 बजकर 1 मिनट तक उपरांत पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ, सिद्धि योग अपराह्न 2 बजकर 43 मिनट तक उपरांत साध्य योग का आरंभ, चतुष्पद करण अपराह्न 1 बजकर 7 मिनट तक उपरांत किष्तुघ्न करण का आरंभ।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में रानी सती (दादी) का पूजन करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

चंद्रमा दिन रात सिंह राशि पर संचार करेगा। आज ही भाद्रपद अमावस्या, कुशाग्रहणी अमावस्या, ‘ऊँ हुँ फट् स्वाहा‘ इह मंत्रेण कुशोत्पाटनम्‘ पिठोरी अमावस्या, लोहार्गल यात्रा (स्नान) रानी सती मेला (झुंझुनू-राज.) गण्डमूल प्रातः 8 बजकर 1 मिनट तक।

आज जन्में बच्चे
आज जन्म लिए बच्चों के नाम (में, मो, टा, टी, टू, टे) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चे शरीर से सुदृढ़ होंगे। ऐसे जातक मधुरभाषी व सेवाभावी होंगे। इनकी संगीतकला में गहरी रूचि रहेगी। प्रायः स्वार्थ साधने में माहिर होंगे। विलक्षण प्रतिभा के धनी होंगे।

पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।

Published On:
Sep, 09 2018 10:36 AM IST