बर्न, कोल्ड ट्रीटमेंट से करें मस्सों का इलाज

By: Vikas Gupta

Published On:
Aug, 01 2017 06:28 PM IST

  • यह त्वचा पर होने वाला वायरल इंफेक्शन है, जो ह्यूमन पेप्लिोमा वायरस से फैलता है। यह बच्चों व युवाओं को ज्यादा होता है। पीडि़त व्यक्ति के संपर्क में आने से यह रोग फैलता है। इसका इलाज कई तरह से होता है।
जिन फोड़े-फुंसियों जैसे उभारों को हम हल्के में लेते हैं, वे वाट्र्स (मस्से)भी हो सकते हैं। यह त्वचा पर होने वाला वायरल इंफेक्शन है, जो ह्यूमन पेप्लिोमा वायरस से फैलता है। यह बच्चों व युवाओं को ज्यादा होता है। पीडि़त व्यक्ति के संपर्क में आने से यह रोग फैलता है। इसका इलाज कई तरह से होता है।

वाट्र्स के प्रकार
कॉमन वाट्र्स: ज्यादातर हाथ और अंगुलियों पर होते हैं। ये वाट्र्स कठोर होते हैं। इनकी संख्या काफी ज्यादा भी हो सकती है। 
प्लेन वाट्र्स: ये बच्चों को ज्यादा होते हैं। ये चेहरे, गर्दन पर छोटे-छोटे चपटे व त्वचा के रंग के उभार होते हैं। 
फिलिफोर्म वाट्र्स: छोटे-छोटे खुरदरे सींग व कांटे के आकार के गर्दन, चेहरे व सिर पर होते हैं।
प्लांटर वाट्र्स: ये तलवे पर त्वचा के रंग जैसे गोल होते हैं। 
जेनेटिल वाट्र्स: पुरुषों, महिलाओं के गुप्तांगों व मलद्वार पर होते हैं। 

इन्हें है ज्यादा खतरा
प्रभावित व्यक्ति के साथ रहने वाले लोग, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने या वे लोग जो इम्यूनो सप्रेसिव ड्रग्स लेते हों, लिम्फोसाइटिक ल्यूकीमिया (ब्लड कैंसर) से पीडि़त लोगों को वाट्र्स का खतरा रहता है। बच्चों में खुद ठीक होते हैं।

बच्चों को हुए वाट्र्स खुद ठीक हो जाते हैं। इसके लिए डॉक्टर लगाने के लिए दवा देते हैं या सर्जिकल ट्रीटमेंट करते हैं। डॉक्टर फिनोल, लेक्टिक एसिड व सेलिफिलिक का कॉम्बीनेशन, पोडोफाइलिन और ईमिक्यूमोड लगाने के लिए देते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कोटरी जिसमें बहुत कम वॉल्टेज से वार्ट को जला दिया जाता है। इलाज का एक तरीका क्राइओथैरेपी है जिसमें वार्ट को ठंडा करके खत्म करते हैं। अल्ट्रासोनिक सर्जिकल एसपिरेशन में तेज वाइब्रेशन से इसे हटाते हैं। 

इन बातों का ध्यान रखें
यह इलाज 4-6 महीने तक चल सकता है, इसलिए धैर्यपूर्वक इलाज कराएं। प्रभावित व्यक्ति के तौलिए, रेजर, चप्पल, कंघी का प्रयोग ना करें। साफ-सफाई का खयाल रखें और असुरक्षित यौन संबंधों से बचें।

Published On:
Aug, 01 2017 06:28 PM IST