शिक्षकों को नियम विरुद्ध रिलीव किया, जिले के 166 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं बचा

By: sanjeev dubey

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Published: 22 Aug 2019, 06:00 AM IST

Harda, Harda, Madhya Pradesh, India

हरदा. जिले से स्थानांतरित हुए शिक्षकों को शासन के निर्देशों से परे जाकर रिलीव करने से स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था बिगडऩे लगी है। सबसे ज्यादा असर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों पर पड़ा है। जिले में पहले 59 स्कूल शिक्षक विहीन थे, अब इनकी संख्या बढ़कर १६६ हो चुकी है। यहां पढ़ाई चौपट होने लगी तो मामले में कलेक्टर एस. विश्वनाथन को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्होंने मंगलवार को संकुल प्राचार्यों की बैठक लेकर कड़ी चेतावनी दी कि स्कूल शिक्षकविहीन होने की स्थिति में स्थानांतरित शिक्षकों को रिलीव न किया जाए। कलेक्टर ने निर्देशत किया कि ऐसे संकुल प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस दिया जाए जिन्होंने स्कूल के शिक्षकविहीन होने की स्थिति में स्थानांतरित शिक्षक को रिलीव कर दिया। जिला पंचायत सीईओ लोकेश कुमार जांगिड़ व जिला शिक्षा अधिकारी सीएस टैगोर की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने संकुल प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शिक्षकों के ट्रांसफर आदेश जारी होने के बाद यदि किसी शिक्षक को रिलीव करने से शाला शिक्षकविहीन हो रही है तो ऐसी स्थिति में शिक्षकों को रिलीव न करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई हमारी पहली प्राथमिकता है। शिक्षकों के स्थानांतरण के कारण बच्चों की पढ़ाई पर विपरीत प्रभाव नहीं पडऩा चाहिए। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ शालाओं में शाला शिक्षकविहीन होने की स्थिति में भी शिक्षकों को रिलीव किया गया है। कलेक्टर ने ऐसी शालाओं के संकुल प्राचार्यों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। सूत्रों के मुताबिक जिले के 24 में से 10 से ज्यादा संकुलों में शासन के निर्देशों को ताक पर रखकर शिक्षकों को रिलीव कर दिया गया।

 

हर दिन प्रस्तुत करे स्टेटस रिपोर्ट
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि ट्रांसफर एवं रिलीविंग के संबंध में कोई भी संदेह होने पर संकुल प्राचार्य जिला पंचायत सीईओ तथा जिला शिक्षा अधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्तकरें। इसकी स्टेटस रिपोर्ट प्रतिदिन प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि सभी संकुल प्राचार्य इस संबंध में शासन द्वारा जारी निर्देशों का भलीभांति अध्ययन कर इसके अनुरूप ही कार्यवाही करें।

खिरकिया ब्लाक में सबसे ज्यादा शिक्षकविहीन स्कूल
रिलीविंग के ताजा आंकड़ों के अनुसार खिरकिया ब्लाक में सबसे ज्यादा 111 शिक्षकविहीन प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल हैं। वहीं हरदा व टिमरनी में इनका आंकड़ा १५ व ४० है। एक शिक्षक वाले स्कूलों का आंकड़ा जहां पहले करीब 100 था, शिक्षकों को रिलीव करने के बाद यह अब २१९ पर पहुंच गया है। इनमें भी खिरकिया ब्लाक के सबसे ज्यादा ७९ स्कूल हैं। इस श्रेणी में हरदा के ६९ व टिमरनी के ७१ स्कूल हैं। ज्ञात हो कि जिले के ५४३ प्राथमिक स्कूलों में २९४२५ तथा २८२ माध्यमिक स्कूलों में २०५९९ बच्चे अध्ययन करते हैं।

सालों से स्कूल नहीं गए, ट्रांसफर होने पर रिलीव भी कर दिया
जिले में ऐसे शिक्षक भी हैं जो 2-5 साल से स्कूल हीं नहीं गए। सिराली संकुल के ग्रामीण प्राथमिक स्कूल में भी ऐसे ही एक शिक्षक हैं जो सालों से पढ़ाने नहीं गए। सूत्रों के अनुसार इनका ट्रांसफर बैतूल हो गया। संकुल प्राचार्य ने शिक्षक को रिलीव भी कर दिया। जिले में ऐसे शिक्षकों की संख्या 15 बताई जा रही है जो लंबे समय से अनुपस्थित हैं, लेकिन विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही।

कई स्कूलों में अतिथि शिक्षक संभाल रहे व्यवस्था
शिक्षकों की कमी के कारण अतिथि शिक्षकों से शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। बीते साल ७०६ अतिथि शिक्षक नियुक्त किए गए थे। इस साल इनका आंकड़ा फिलहाल ४९० है। इनमें वर्ग 1 के १५०, वर्ग 2 के २३० तथा वर्ग ३ के ११० अतिथि शिक्षक हैं। वहीं ५४३ प्राथमिक स्कूलों में १०१५, २८२ माध्यमिक स्कूलों में ७१५, ५० हाईस्कूलों में ३९६ तथा ३५ हायर सेकंडरी स्कूलों में १२६ नियमित शिक्षक पदस्थ हैं। ट्रांसफर के बाद इनकी पदस्थापना की क्या स्थिति है, यह आंकड़ा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पास नहीं है।

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