बेहद खतरनाक हैं ये तीन तिराहे: रोज होते हैं दो बड़े हादसे

By: deepak deewan

Updated On:
25 Aug 2019, 04:40:49 PM IST

  • रोज होते हैं दो बड़े हादसे

खंडवा.
आए दिन हो रहे हादसों के कारण शहर के कुछ चौराहे व तिराहे राहगीरों के लिए डेंजर बन गए हैं। यहां सुरक्षित आवाजाही के लिए सडक़ पर न तो जेबरा क्रॉसिंग है और न ही सेंटर लाइन डली है। जबकि इनसे दिनभर में हजारों वाहन गुजरते हैं और अमूमन रोज ही करीब दो छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो जाती हैं। सुबह और शाम के समय चौराहों पर खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। क्योंकि इस समय ट्रैफिक का दबाव बढ़ता है।


स्थिति यह है कि एक ओर तो तिराहों से तेज रफ्तार बस व भारी वाहन आते हैं। वहीं दूसरी ओर दो पहिया वाहन रफ्तार में गुजरते हैं। ऐसे में क्रॉस करते समय जरा भी ध्यान हटा तो वाहन चालक दुर्घटना का शिकार हो जाता है। वहीं दिन में कई बार वाहन चालक एक-दूसरे से गुत्थमगुत्था होते रहते हैं। बावजूद इसके यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने एक भी सफल प्रयास नहीं किया जा रहा है। पूरा शहर इस समय बिगड़ी यातायात व्यवस्था से त्रस्त है।

ये हैं हालात: इंदिरा चौक। यहां से रोजाना 40 हजार से अधिक लोग आवाजाही करते हैं। सडक़ पर न तो जेबरा क्रॉसिंग है और न ही सेंटर लाइन डली है। माता चौक, बस स्टैंड और सिविल लाइन की ओर से एकसाथ छोटे और भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। चौराहे पर सुरक्षित यातायात संचालित करने न तो ट्रैफिक जवान तैनात रहता है और न ही निगम द्वारा सिग्नल लगाए गए हैं।
ये हैं हालात: सिविल लाइन क्षेत्र स्थित जोन कार्यालय तिराहा राहगीरों की जान का दुश्मन बना है। पुलिस लाइन, कलेक्टोरेट और इंद्रा चौक की ओर से एकसाथ वाहनों की आवाजाही रहती है। तिराहे पर इंद्रा चौक की ओर से आने वाला वाहन यदि पुलिस लाइन की ओर जाता है तो उसे कलेक्टोरेट की ओर से आने वाले वाहन की टक्कर का खतरा बना रहता है।
ये हैं हालात: शिवाजी चौक। यह शहर का व्यस्ततम चौक है। यहां से रोजाना 30 हजार से अधिक लोग आवागमन करते हैं। दिनभर वाहनों की रेलमपेल के बीच वाहन आपस में टकराते रहते हैं। कई बार विवाद की स्थिति बनती है। मोघट रोड, मेडिकल चौक और खडक़पुरा की ओर से वाहन पहुंचते हैं।ऐसे में अचानक वाहन सामने आने पर दुर्घटना का खतरा रहता है। वहीं सडक़ अमानक है।


ये है नगर निगम की जिम्मेदारी
शहर में यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने में यातायात पुलिस के साथ नगर निगम की भूमिका अहम है। सडक़ पर पार्किंग, सेंटर लाइन डालना और जेबरा क्रॉसिंग बनना। चौराहों पर सिग्नल लगाना और पार्किंग की व्यवस्था करना। साथ ही बाजार में सडक़ों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की जवाबदारी निगम की है।


ये है ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी

शहर में यातायात सुचारू और सुरक्षित संचालित कराने की जवाबदारी ट्रैफिक पुलिस की है। सडक़ों पर जाम न लगे, चालक निर्धारित पार्किंग स्थल पर वाहन खड़ा कराने और यातायात नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी पुलिस की है। लेकिन चौराहा व तिराहों पर जवान नहीं होने से जाम लगता है। जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही है।



Updated On:
25 Aug 2019, 04:40:49 PM IST

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