प्रदेश के शेयर में नहीं होगी कटौती

By: Purushotam Jha

Published On:
Aug, 13 2019 10:29 PM IST

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    हनुमानगढ़. भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई। इसमें राजस्थान सहित बीबीएमबी से जुड़े अन्य राज्यों के शेयर का निर्धारण किया गया। राजस्थान की तरफ से बैठक का प्रतिनिधित्व जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल और रेग्यूलेशन विंग के एसई जेएस कलसी ने किया।

प्रदेश के शेयर में नहीं होगी कटौती
-बीबीएमबी ने राजस्थान के प्रस्ताव को दी मंजूरी
-भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड की बैठक में हमारा हिस्सा निर्धारित
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हनुमानगढ़. भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) की बैठक मंगलवार को चंडीगढ़ में हुई। इसमें राजस्थान सहित बीबीएमबी से जुड़े अन्य राज्यों के शेयर का निर्धारण किया गया। राजस्थान की तरफ से बैठक का प्रतिनिधित्व जल संसाधन उत्तर संभाग हनुमानगढ़ के मुख्य अभियंता विनोद मित्तल और रेग्यूलेशन विंग के एसई जेएस कलसी ने किया। बैठक में १४ अगस्त के बाद प्रदेश को मिलने वाले सिंचाई पानी का निर्धारण किया गया। एसई कलसी के अनुसार १४ अगस्त के बाद भी प्रदेश की नहरों को मांग के अनुसार पानी मिलता रहेगा। प्रदेश के शेयर में फिलहाल किसी तरह की कटौती नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि १४ से ३० अगस्त तक वर्तमान रेग्यूलेशन को यथावत रखने का प्रस्ताव बीबीएमबी के समक्ष रखा। इसे बीबीएमबी स्तर पर मंजूर कर लिया गया। बांधों का जल स्तर भी इस वर्ष काफी अच्छा है। इसलिए आगे भी खरीफ सीजन में सिंचाई पानी की दिक्कत नहीं आएगी। बीबीएमबी की ओर से तय किए गए शेयर के अनुसार पूरे अगस्त माह में इंदिरागांधी नहर में १०५००, भाखड़ा में १२००, गंगकैनाल में २५०० व सिद्धमुख नोहर परियोजना में ८५० क्यूसेक पानी चलाया जाएगा। इससे किसानों को खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए मांग के अनुसार सिंचाई पानी मिलता रहेगा। सितम्बर के शेयर का निर्धारण करने के लिए अगस्त के अंत में फिर बीबीएमबी की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें बांधों के जल स्तर के हिसाब से आगे का रेग्यूलेशन निर्धारित किया जाएगा। गौरतलब है कि नौ अगस्त २०१९ को पौंग बांध का जल स्तर १३५१.७३ फीट था। इसमें आवक २८०६२ क्यूसेक व निकासी १०००९ क्यूसेक हो रही थी। इसी तरह भाखड़ा बांध का लेवल-१६६३.४० फीट था। जबकि आवक ६०७०० क्यूसेक व निकासी ३१९२१ क्यूसेक हो रही थी। इस वर्ष खरीफ सीजन में अभी तक पांच लाख हैक्टेयर के करीब क्षेत्र में फसलों की बिजाई हो चुकी है। इन फसलों को आगे सिंचाई पानी की दिक्कत नहीं आएगी। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार 1981 में पांच राज्यों के बीच हुए जल समझौते के तहत राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली तथा जम्मू-कश्मीर में पेयजल तथा सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने के लिए पांचों राज्यों के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक चंडीगढ़ में होती है। बीबीएमबी की बैठक में सभी सदस्यों की उपस्थिति में डैम के जल स्तर के अनुपात में राज्यों को पानी वितरित किया जाता है। इस वर्ष जिस तरह से बांधों में आवक हो रही है, उससे लगता है कि रबी सीजन में भी सिंचाई पानी का अधिक संकट नहीं रहेगा।

Published On:
Aug, 13 2019 10:29 PM IST

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