राशनकार्डो पर अभी भी पुराने राशन डिपो का विवरण अंकित

By: Manoj Goyal

Updated On:
13 Aug 2019, 11:47:52 AM IST

  • अधिकांश के हो चुके लाइसेंस निरस्त

    उपभोक्ताओं को हो रही है परेशानी

पीलीबंगा (हनुमानगढ़). राज्य सरकार ने वर्ष 2013 में डिजीटल राशन कार्ड का वितरण कर पारदर्शिता लाने का कार्य किया लेकिन अभी भी उपखंड क्षेत्र में चल रहे राशन कार्डों में पुराने राशन डिपो का विवरण अंकित हैं। इनमें अधिकांश राशन डिपो के लाइसेंस निरस्त हो चुके। राज्य सरकार ने डिजीटल व्यवस्था के तहत परिवार राशन कार्ड को लेकर प्रत्येक राशनकार्ड पर बार कोड संख्या, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत, ग्राम मुखिया का नाम, माता-पिता का नाम, आयकरदाता, गैस कनेक्शन का प्रकार, यूआईडी क्रमांक तथा उचित मूल्य की दुकान का नम्बर, पता व मोबाइल नम्बर अंकित करवाए थे लेकिन ऐसे राशनकार्डों पर अंकित राशन डिपो होल्डर में अधिकांश डिपो होल्डरों के लाइसेंस निरस्त हो चुके हैं। फिर भी उनके नाम राशन कार्ड पर अंकित है। इससे संबंधित उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

 

उदाहरणार्थ उपभोक्ताओं की ओर से राशन संबंधी किसी भी प्रकार की शिकायत पर खाद्य विभाग किस प्रकार की कार्रवाई करे क्यों कि उचित मूल्य की दुकान के लाईसेंसधारी का लाइसेंस निरस्त हो चुका है। उपखंड क्षेत्र में करीब 100 राशन वितरण डीलर हैं जिनके माध्यम से प्रतिमाह करीब 25 हजार राशन कार्डो पर उपभोक्ताओं को गेहूं, केरोसीन तथा अन्य खाद्य सामग्रियों का वितरण होता है। इसमें राशन वितरण में अनियमितताओं की शिकायत उपभोक्ता करते हैं। ऐसे में कई गांवों में गड़बड़ी या खामियों के चलते शिकायत होने पर अधिकारी उनके राशनकार्ड पर अंकित उचित मूल्य की दुकान के विवरण से अवगत करवाने की बात कहते हैं। उचित मूल्य की दुकान का लम्बे समय से लाइसेंस निरस्त हो चुका होता है ऐसे में उपभोक्ताओं को वितरक का नाम व पता आदि मालूम ही नहीं होता है तो अधिकारी फिर किसके खिलाफ कार्रवाई करें।

 

राज्य सरकार को चाहिए कि प्रत्येक राशन वितरण की दुकान के आगे संबंधित राशन वितरण के दुकान का नम्बर, दुकानदार का नाम, मोबाइल नम्बर सहित उसको आवंटित लाइसेंस आदि की जानकारी प्रति सप्ताह बोर्ड पर अंकित करवाने के निर्देश संबंधित डिपो होल्डर को दे। इससे राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी। इसमें संबंधित डिपो होल्डर को भी समय समय पर आंकड़ों को अपडेट करवाते रहना चाहिए ताकि गल्ती की कोई वजह ही नहीं बने। (पसं)

 

इनका कहना है...
पोर्टल पर होने के चलते अब उपभोक्ताओं की राशन वितरण संबंधी शिकायतें बहुत कम प्राप्त होती हैं। राशनकार्डो पर पुराने डिपो होल्डर के संबंध में अंकित जानकारी जिला रसद कार्यालय के अधीन है। संबंधित डिपो होल्डर को राशन की दुकान से संबंधित समस्त जानकारी सूचना पट्ट पर अंकित करने के निर्देश जिला रसद विभाग देता है। उनके पास प्रवर्तन निरीक्षक का चार्ज करीब तीन माह से है।अधिक जानकारी मिल सकती है। - श्यामसुंदर बेनीवाल, कार्यवाहक प्रर्वतन निरीक्षक एवं नायब तहसीलदार, गोलूवाला

 

फैक्ट फाईल
1- उपखंड क्षेत्र में संचालित उचित मूल्य की दुकानों की संख्या - ९९
2- विभिन्न योजनाओं में राशन प्राप्त करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या-
बीपीएल - 6160
स्टेट बीपीएल - 1153
अन्त्योदय - 1474
अन्नपूर्णा - 34
खाद्य सुरक्षा व अन्य- 49515

Updated On:
13 Aug 2019, 11:47:52 AM IST

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