Smart City Gwalior: कांग्रेस विधायक ने लगाई अफसरों की खिचाईं, बोले- टॉयलेट तो आप बना नहीं पाए कैसे करेंगे बाड़े को स्मार्ट

By: Gaurav Sen

Updated On:
13 Aug 2019, 11:19:29 AM IST

  • महाराज बाड़ा... स्मार्ट बनाने अफसरों ने ढाई घंटे किया मंथन, बाड़े पर सब-वे का प्लान सुन बिफरे विधायक, तमाशा बंद करो

     

ग्वालियर। महाराज बाड़े को स्मार्ट बनाने के लिए सोमवार को फिर ढाई घंटे मंथन किया गया, लेकिन इस बार भी अफसर यह तय नहीं कर पाए कि बाड़े पर करना क्या चाहते हैं। सडक़ पर बाड़े का नक्शा खोलकर आधे बाड़े को नो व्हीकल जोन बनाने का प्लान बताया, फिर पुलिस चौकी में टेबल पर बाड़े की खुदाई कर सब-वे पर लंबा मंथन हुआ, लेकिन नतीजा सिफर रहा।

कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने स्मार्ट सिटी के अफसरों से दो टूक कहा कि दो साल में बाड़े पर एक टॉयलेट तक नहीं बना पाए हैं, इसे स्मार्ट बनाने का हवाला देकर जो प्रयोग किए हैं उन्हें जनता नकार चुकी है। उन्होंने कहा कि इसे बाड़ा ही रहने दो, तमाशा मत बनाओ। कुछ ठोस प्लान बनाओ और कारगर काम करके दिखाओ।
सोमवार शाम को कलेक्टर अनुराग चौधरी, एसपी नवनीत भसीन, नगर निगम कमिश्नर संदीप माकिन, अपर कलेक्टर और स्मार्ट सिटी नोडल अधिकारी किशोर कान्याल, स्मार्ट सिटी सीईओ महीप तेजस्वी बाड़े के बाजार को पेडिस्ट्रेन जोन (पैदल रास्ता) बनाने का प्लान लेकर आए थे।

योजना को फाइनल टच देने के लिए विधायक प्रवीण पाठक को बुलाया। अफसरों ने टाउन हॉल के सामने सडक़ पर बाड़े का नक्शा खोलकर कहा कि हेमू कालानी चौक से सरकारी प्रेस की तरफ वाहनों का जाना रोका जाए तो दौलतगंज तिराहे पर लगने वाले जाम से निजात मिल जाएगी। इसी तरह टोपी बाजार का जो रास्ता दुकानदारों ने बंद कर रखा है, उसे मेन स्ट्रीम में लाया जाए। इस रास्ते से वाहनों की आवाजाही शुरू करें तो बाड़े को दौलतगंज से जोडऩे वाली एक सडक़ मिलेगी।


बाड़े को खोदना इतना आसान है क्या

अफसरों ने कहा दिल्ली के पालिका बाजार की तर्ज पर बाड़े पर अंडरग्राउंड सब-वे भी बनाया जा सकता, लेकिन उनकी यह बात सुनकर विधायक बिफर गए, स्मार्ट सिटी सीईओ तेजस्वी से बोले कि बाड़े पर कितने प्रयोग करेंगे। कभी बेरिकेड्स रखकर रास्ता संकरा करते हो, बाड़े पर वाहन नहीं आएं इसलिए दर्जीओली की संकरी सडक़ पर भी यातायात चलाकर लंबा जाम लगवा चुके हो। अब बाड़े को खोदने की बात कर रहे हो, यह इतना आसान है क्या, जबकि खुद प्रशासन मान चुका है कि बाड़े के नीचे तमाम सुरंग हैं। अभी तक जो प्रयोग हुए हैं सभी में जनता परेशान हुई है। कुछ कारगर करो, जिससे बाड़ा सुंदर भी हो और लोगों को सहूलित हो।


ऐसे तो पैदल का रास्ता भी नहीं मिलेगा
आधे घंटे सडक़ पर मंथन करने के बाद अफसरों ने बाड़ा पुलिस चौकी में नक्शा बिछाकर माथापच्ची की, लेकिन बात नहीं बनी। स्मार्ट सिटी के बाड़े को पेडिस्टे्रन जोन बनाने के प्लान में लोगों को वाहन से बाड़े तक आने के लिए सराफा बाजार का फेरा लगाकर दौलतगंज से आना पड़ेगा। अफसरों की दलील थी उनका प्लान आने वाले समय को लेकर है, जब शहर की जनसंख्या और वाहनों की गिनती में और इजाफा होगा। बाड़े के आसपास कब्जे से गलियां संकरी हो जाएंगी, तब पैदल चलने लायक रास्ता भी नहीं मिलेगा। इस पर विधायक पाठक ने कलेक्टर, एसपी सहित सभी अफसरों से सवाल किया आखिर कब्जा हो क्यों रहा है, उसे हटवाओ। फिर सीईओ तेजस्वी से कहा कि दो साल में बाजार आने वालों के लिए एक टॉयलेट तक तो बना नहीं पाए हैं।

 

पत्रिका के सुझाव

बाड़े पर पार्किंग और यातायात का प्रेशर कम करने के लिए पत्रिका भी लगातार प्रयास करता रहा है। पत्रिका के सुझाव पर दीपावली के दौरान अस्थाई पार्किंग का प्रयोग सफल भी रहा। बाड़े पर कारोबारी और खरीदारी करने वाले पार्किंग को बड़ी समस्या मानते हैं। प्रशासन संजीदगी से मंथन करे तो आसपास कुछ जगहों को पार्किंग स्थल बनाया जा सकता, इससे ट्रैफिक दबाव की समस्या दूर होगी।

  • हुजरात सब्जी मंडी परिसर में पार्किंग की जाए। यहां करीब 500 से ज्यादा दो पहिया वाहन पार्क हो सकते हैं।
  • गोरखी स्कूल में छात्रों के आने-जाने के लिए अलग रास्ता तैयार कर स्कूल के बड़े मैदान के आधे हिस्से पर पार्किंग बनाई जा सकती है।
  • पुराने कलेक्ट्रेट गोरखी परिसर में जहां वेंडर और अभिभाषक बैठते हैं, उन्हें एक तरफ जगह मुहैया कराकर बाकी जगह पर पार्किंग हो सकती है।
  • सुभाष मार्केट और नजरबाग मार्केट के सामने से फुटपाथ बाजार हटाने के बाद खाली हुई जगह पर भी वाहन पार्किंग की जा सकती है।

विधायक ने जनता से पूछा, अफसरों से कहा

  • विधायक ने दुकानदारों से पूछा अभी तक बाड़े को स्मार्ट बनाने जो प्लान हुए हैं, उनसे कारोबार पर क्या असर पड़ा है, तो कारोबारियों का जवाब था धंधा ठप हुआ है।
  • स्मार्ट सिटी और प्रशासन के अधिकारियों ने जो प्लान बनाया है, उससे लोगों को आने में आधा किमी की बजाए 3 किमी का चक्कर लगाना पड़ेगा, लोग इतना परेशान क्यों होंगे।
  • सुभाष मार्केट, नजरबाग, टोपी बाजार पर ही क्यों लौट आते हो।
  • सराफे में स्थाई खड़े होने वाले वाहनों को स्वर्ण रेखा किनारे खाली जगह में शिफ्ट कराओ गांधी मार्केट से सराफे तक सब-वे बनाया जा सकता है। टॉयलेट और दूसरी सुविधाएं दी जा सकती हैं।
  • गांधी मार्केट में प्रशासन का 600 दुकान का प्लान भी नाकाम साबित हुआ। अब नए प्लान में 280 दुकान और अंडरग्राउंड पार्किंग से लोगों को राहत मिलेगी।

 

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बाड़े के आसपास की 15 सडक़ों को स्मार्ट बनाया जाएगा
ग्वालियर ञ्च पत्रिका. महाराज बाड़े की यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 242 करोड़ रुपए की लागत से बाड़े के आसपास की 15 सडक़ों को स्मार्ट बनाया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। यह जानकारी स्मार्ट सिटी कार्यों को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में अधिकारियों ने दी है। बैठक में कलेक्टर अनुराग चौधरी, एसपी नवनीत भसीन, निगमायुक्त संदीप माकिन, अपर कलेक्टर और स्मार्ट सिटी के नोडल अधिकारी किशोर कान्याल, रिंकेश वैश्य, सीईओ महीप तेजस्वी मौजूद थे।

थीम एक हो
साढ़े तीन घंटे चली बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जितनी भी परियोजनाएं संचालित हो रही हैं, उन सभी के लिए थीम एक होना चाहिए। इसके अलावा यातायात को बेहतर करने के लिए जो प्लानिंग की जा रही है, वह भविष्य को ध्यान में रखकर की जाए।

पैदल जोन के लिए प्रजेंटेशन

महाराज बाड़े पर टाउन हॉल के सामने से लेकर विक्टोरिया मार्केट के सामने तक पैदल जोन बनाने के लिए प्रजेंटेशन स्मार्ट सिटी सीईओ ने कलेक्टर को दिखाया। प्रजेंटेशन में चिन्हित स्थानों को नो व्हीकल जोन बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। निगमायुक्त ने यह बताया कि पैदल जोन बनाने के लिए पार्किंग सहित अन्य काम किस तरह किए जा सकते हैं। इसके अलावा पूरी परियोजना में यह भी शामिल किया गया है कि क्षेत्र के सभी साइनेज एक से हों।

Updated On:
13 Aug 2019, 11:19:29 AM IST

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