देश के टॉप संस्थान के हॉस्टल में मिली ऐसी चीजें, जिसे देख गुस्साए छात्र और जमकर मचाया हंगामा

By: monu sahu

Updated On:
25 Aug 2019, 11:57:19 AM IST

  • इस संस्थान में डिग्री और डिप्लोमा करने के लिए देश भर के शहरों से चयनित छात्र अध्ययन के लिए यहां आते हैं

ग्वालियर। देश के टॉप संस्थान (आइआइटीटीएम) के होस्टल नंबर तीन में शुक्रवार की रात किए गए निरीक्षण में बीयर की बोतलें और हुक्का मिला है। नशे से संबंधित सामान मिलने के बाद संस्थान प्रबंधन ने बीबीए थर्ड ईयर के छह छात्रों को तात्कालिक निर्णय लेकर बाहर का रास्ता दिखा दिया (IITTM)। हालांकि छात्रों ने नशा और रैङ्क्षगग संबंधित आरोप को नकार दिया, लेकिन प्रबंधन ने सभी छात्रों के अभिभावकों को बुलाया है, जिनके सामने सोमवार को इस पूरे मामले को लेकर संस्थान के अधिकारी निर्णय लेंगे।

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निर्णय होने तक निष्कासित छात्रों के रहने के लिए प्रबंधन ने शहर के निजी होटल में व्यवस्था की है। जीवाजी विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस के पास ही स्थित आइआइटीटीएम संचालित है। इस भारतीय पर्यटन एवं यात्रा प्रबंधन संस्थान (आइआइटीटीएम) में यात्रा और प्रबंधन से संबंधित डिग्री और डिप्लोमा करने के लिए देश भर के शहरों से चयनित छात्र अध्ययन के लिए आते हैं। छात्रों के रहने के लिए संस्थान परिसर में ही लडक़े और लड़कियों के अलग-अलग हॉस्टल बने हैं।

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इन्हीं में से होस्टल नंबर तीन में छात्रों के द्वारा देर रात बाहर से शराब और गांजा आदि लाए जाने की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर शुक्रवार की रात 11 बजे होस्टल वार्डन रामाकृष्णा ने अचानक से चेकिंग शुरू कर दी। वार्डन का कहना है कि चेकिंग में बीबीए थर्ड ईयर के छात्रों के पास एक हुक्का और बीयर के केन मिले थे। जिनको जब्त कर लिया गया।

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रैगिंग और नशे के सामान की बात को नकारते रहे छात्र
सुबह जब छात्रों को बाहर किया गया तो वे सभी बाहर गेट पर ही सामान रखकर बैठ गए। इसकी जानकारी लगने के बाद उनके कुछ और साथी भी आ गए। इसके बाद छात्रों ने प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं को भी बुला लिया और हंगामा शुरू कर दिया। दोपहर के समय हुए इस हंगामे को देख संस्थान के डॉ. सौरभ दीक्षित,वार्डन रामाकृष्णा सहित अन्य अधिकारियों ने छात्रों से बात करके समझाने की कोशिश की।

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इसके बाद भी सहमति नहीं बनी तो विश्वविद्यालय थाने के टीआइ रामनरेश यादव को खबर की तो वे भी दो सब इंस्पेक्टर और जवानों के साथ आइआइटीटीएम पहुंच गए। इसके बाद अपराह्न 3.30 बजे तक छात्रों और प्रबंधन के बीच बातचीत और नोंकझोंक जारी रही। पूरे समय छात्र रैगिंग और नशे के सामान की बात को नकारते रहे, आखिर में प्रबंधन के कहे अनुसार अपने अभिभावकों को बुलाने पर राजी हुए।

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जूनियर्स को धमकाया
प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों ने बताया है वार्डन के निरीक्षण के बाद सीनियर छात्रों ने फस्र्ट ईयर के छात्रों को बुलाकर बाहर बैठा लिया था। इसके बाद इन सभी को इंट्रोडक्शन के नाम पर धमकाया। कुछ जूनियर छात्रों ने अधिकारियों से इसकी शिकायत की। हालांकि, दोपहर बाद जब प्रबंधन ने सीनियर और जूनियर छात्रों को आमने सामने किया तो जूनियर्स ने रैङ्क्षगग की बात को नकार दिया।

Updated On:
25 Aug 2019, 11:57:19 AM IST

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