भविष्य के शिक्षकों ने जमकर की नकल, किसी ने पर्ची से तो किसी ने साथी की कॉपी से देखकर लिखा उत्तर

By: monu sahu

Published On:
Jun, 19 2019 03:06 PM IST

  • पहले दिन ही खुल गई परीक्षा की पोल, परीक्षा केंद्रों पर माफिया रहा हावी

ग्वालियर। मंगलवार से शुरू हुई डीएड की परीक्षा में भविष्य के शिक्षकों ने जमकर नकल की। दो पालियों में आयोजित प्रथम व द्वितीय वर्ष की परीक्षा में 6345 छात्र रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 80 फीसदी से अधिक छात्र अन्य प्रदेशों के हैं। परीक्षा केंद्रों का आलम ऐसा था कि कही छात्र बेधडक़ होकर नकल करते देखे। तो कहीं पर एक साथ बैठकर एक-दूसरे की कॉपी में से प्रश्नों के उत्तर लिख रहे थे। कुल मिलाकर डीएड की परीक्षा में तीन चार केंद्रों पर शिक्षा माफिया हावी दिखा है।डीएड के लिए परीक्षा केंद्र बनाए गए शासकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालयों को जमीन पर फर्श डालकर एक फीट की दूरी पर ही बैठाया गया था।

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कई छात्र पर्चियों से नकल कर रहे थे तो कई एक दूसरे की उत्तर पुस्तिका से देख देखकर लिख रहे थे। पर्यवेक्षक भी एक किनारे पर खड़ी दिखाई दी। न किसी को टोका जा रहा था न ही अपने स्थान से आगे पीछे आ गए छात्रों को यथा स्थान भेजा जा रहा था। स्थाई पैनल के अधिकारी भी निष्क्रिय दिखे। शासकीय प्राथमिक एसएएफ, माध्यमिक कॉटनजीन नं.1 में भी यही नजारा देखने को मिला। सुबह की पाली में डीईओ वीएस सिकरवार तथा डाईट प्राचार्य एचएन नेमा ने भी निरीक्षण किया।

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केंद्रों पर स्थाई पैनलों की भी नियुक्ति की गई है। परीक्षा के लिए जिले में सात केंद्र बनाए गए हैं। शासन के निर्देशानुसार सिर्फ 30 फीसदी स्थानों पर ही अन्य प्रदेशों के छात्रों को प्रवेश दिए जा सकते हैं। बताया जा रहा है किलेकिन इस बार बिहार, झारखंड, उप्र, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब तक के छात्रों को मोटी फीस लेकर प्रवेश दिए गए है। अन्य प्रदेशों से आए डीएड के छात्र-छात्राओं ने रविवार को ही शहर में डेरा डाल लिया था। कोई होटल में तो कोई परिवार के साथ धर्मशालाओं में ठहरा हुआ है। सैकड़ों छात्र तो 600 रुपए पर डे का भुगतान कर पेइंग गेस्ट बने हुए हैं। प्रथम वर्ष की परीक्षा में 2915 छात्रों ने परीक्षा दी है।

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मम्मी ने दी परीक्षा, पापा ने संभाला पप्पू
अन्य प्रदेशों से मंगलवार को डीएड की परीक्षा देने आई कई महिला छात्राओं के साथ एक साल से लेकर ढाई साल के मासूस भी है। परीक्षा के दौरान मम्मी परीक्षा देने के लिए केंद्र के भीतर हो गई तो बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी पापा के पास आ गई। कई महिला छात्रों के बच्चे तो 6 माह से भी कम के थे जिन्हें संभालने के लिए पेरेंट्स को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं कोई बिस्कुट तो कोई ऑफ देकर बच्चों को समझाता दिखा।

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Ded exam 2019

अब आई पढ़ाई की याद
सैकड़ों किमी दूर से परीक्षा देने आए छात्र-छात्राएं परीक्षा को लेकर चिंतित भी नजर आए। जैन उमावि, शासकीय उमावि न.1, शामावि विक्रमपुरा मेंछात्र-छात्राएं निर्धारित समय से दो घंटे पहले ही परीक्षा देने आ गए थे। इस दौरान छात्र 20 सीरीज पढ़ते देखा गया है। कई छात्र तो झुंड में एक दूसरे से यह पूछते दिखाई दिए कि आज के पेपर में क्या आना है। यानि की उन्हें कोर्स के बारे में भी कोई जानकारी नहीं थी।

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दो पालियों में हुई परीक्षा
प्रथम वर्ष की परीक्षा सुबह 9 से 12 तक हुई, जिसमें बचपन एवं बाल विकास का पेपर हुआ। द्वितीय वर्ष की परीक्षा का समय दोपहर 2 से 5 बजे तक रहा। इस दौरान 44 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। द्वितीय पाली में सामाजिक संास्कृतिक परिपेक्ष्य में संज्ञान एवं अधिगम का पेपर हुआ। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी वीएस सिकरवार ने कहा कि परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता रखी गई है। नकल रोकने के लिए सीएस के साथ स्थाई पैनल भी लगाए गए हैं। कुछ केंद्रों का मैंने स्वयं निरीक्षण किया है। फर्नीचर न होने के कारण कुछ स्थानों पर समस्या रही है।

Published On:
Jun, 19 2019 03:06 PM IST

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