कंपनियों की मनमानी : महीने भर में ब्रांडेड देसी घी का टिन हो गया 1000 रुपये महंगा

By: Rizwan Khan

Published On:
Jun, 19 2019 06:28 PM IST

  • ब्रांडेड देसी घी कंपनियों की मनमानी के चलते देसी घी के दामों में बढ़ोतरी जारी है। ब्रांडेड एगमार्क कंपनियों के देसी घी के 15 किलो का टिन पिछले एक महीने में 1000 रुपए तक महंगा हो गया है

ग्वालियर. ब्रांडेड देसी घी कंपनियों की मनमानी के चलते देसी घी के दामों में बढ़ोतरी जारी है। ब्रांडेड एगमार्क कंपनियों के देसी घी के 15 किलो का टिन पिछले एक महीने में 1000 रुपए तक महंगा हो गया है। थोक कारोबारियों के मुताबिक देसी घी की मांग न के बराबर होने के बावजूद कंपनियां दाम बढ़ा रही हैं। दूध पाउडर भी 150 रुपए प्रति किलो उछल गया है। यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में 300 रुपए प्रति टिन दामों में और भी इजाफा हो सकता है।

डेयरी पर 520 रु. किलो
शहर की दूध डेयरियों पर 450 से 520 रुपए प्रति किलो के हिसाब से देसी घी बेचा जा रहा है। बिकने के बाद जो दूध बच जाता है, डेयरियों पर उसका देसी घी बना लिया जाता है। इन दिनों तो दूध की आवक कम होने से डेयरियों पर भी देसी घी कम मात्रा में बन रहा है।

गर्मी का बहाना बना रहे
देसी घी कारोबारियों के मुताबिक ब्रांडेड देसी घी कंपनियां दामों को बढ़ाने के पीछे कारण तेज पड़ी गर्मी बता रहे हैं। जबकि ऐसा नहीं कंपनियों में उत्पादन तो काफी पहले से हो रहा है। कारोबारियों की मानें तो इन दिनों भी स्टॉक का माल ही निकाला जा रहा है।

150 टिन की रोज खपत
देसी घी कारोबारियों की मानें तो शहर में हर रोज देसी घी की खपत करीब 150 टिन की है। यहां पंजाब, हरियाणा, मध्यप्रदेश, दिल्ली, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र आदि स्थानों से ब्रांडेड एगमार्क कंपनियों का देसी घी बिकने आता है। कुछ समय पूर्व तक जो दूध पाउडर 150 रुपए किलो बिक रहा था उसके दाम 300 रुपए किलो को पार कर गए हैं।

मनमाने ढंग से बढ़ा रहे दाम
ब्रांडेड कंपनियों पर किसी तरह का होल्ड न होने से ये मनमानी कर रहे हैं। यही कारण है कि देसी घी के दामों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बाजार में स्टॉक का माल आ रहा है। आगे भी दाम बढ़ सकते हैं।
अश्विनी कुमार सोमानी, देसी घी के थोक कारोबारी

बिक्री में बढ़ोतरी नहीं है
ब्रांडेड देसी घी के दामों में पिछले एक महीने में एक हजार रुपए टिन तक बढ़ोतरी हुई है। जबकि बाजार में मांग और बिक्री दोनों ही नहीं बढ़े हैं। इतने अधिक दाम होने से बिक्री और कम हो गई है।
दिलीप खंडेलवाल, अध्यक्ष, खेरिज किराना व्यवसासी संघ

Published On:
Jun, 19 2019 06:28 PM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।