नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ 70 संगठनों का दिसपुर में हल्ला बोल

By: Prateek Saini

Published On:
Nov, 16 2018 07:06 PM IST

  • प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्य सरकार विधेयक का समर्थन करके असम के मूल निवासियों के हितों के खिलाफ काम कर रही है...

(पत्रिका ब्यूरो,गुवाहाटी): असम में 70 संगठनों ने प्रस्तावित नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016 के विरोध में दिसपुर सचिवालय घेरो कार्यक्रम का आयोजन किया। सुरक्षा बलों ने आंदोलनकारियों को दिसपुर सचिवालय की ओर बढ़ने से रोक दिया। आंदोलनकर्ताओं ने मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। गुवाहाटी में धारा 144 लागू कर लोगों के जमावड़े को रोकने की कोशिश की गई। पर प्रशासन विफल रहा।


विधेयक के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की 'संकल्प यात्रा' पिछले छह दिनों से राज्य के विभिन्न प्रांतों में लोगों को जागरुक करते हुए शुक्रवार को गुवाहाटी रैली में हिस्सा लेने पहुंची। इसे रोकने के लिए दिसपुर सचिवालय के पास बैरिकेड लगाए गए और बड़ी संख्या में असम पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए। जनता भवन घेरो का एलान किसान संगठन कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेतृत्व में किया गया।

 

प्रदर्शन में असम जातीयतावादी युवा छात्र संगठन और 68 अन्य संगठन शामिल हुए। इससे पहले कृषक मुक्ति संग्राम समिति के नेता अखिल गोगई ने 70 संगठनों के सदस्यों के साथ सचिवालय से सटे दिसपुर प्रेस क्लब में सभा की।


उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्य सरकार विधेयक का समर्थन करके असम के मूल निवासियों के हितों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस विधेयक से असम के मूल निवासियों की भाषा, संस्कृति और अखंडता के सामने खतरा पैदा हो गया है। नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016 को 1955 के नागरिकता अधिनियम में संशोधन के लिए लोकसभा में पेश किया गया था, जिसका भाजपा के सहयोगी राजनीतिक दल असम गण परिषद समेत पूर्वोत्तर के कई संगठनों ने विरोध किया था। संगठनों ने बिल को 1985 के असम समझौते के प्रावधानों के खिलाफ बताया था।


अखिल ने शुक्रवार को गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त प्रदीप सालोई के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित करने का एलान किया। अखिल ने कहा कि सालोई ने सरकार के साथ सात दिनों में बैठक कराने का आश्वासन दिया है। इसलिए हम आंदोलन स्थगित कर रहे हैं। पर आगे जिला स्तर पर सत्याग्रह किया जाएगा। हम इसको खारिज किए जाने तक नहीं रुकने वाले हैं।

Published On:
Nov, 16 2018 07:06 PM IST

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