हत्याकांड के खिलाफ असम बंद का दिखाई दिया मिला-जुला असर, घटना की जांच के लिए एनआईए का दल पहुंचा तिनसुकिया

By: Prateek Saini

Published On:
Nov, 03 2018 07:54 PM IST

  • गिरफ्तार उल्फा के वार्ता समर्थक नेता जितेन दत्त को आज अदालत में पेश किया गया, अदालत ने जितेन दत्त को जेल भेज दिया है

(पत्रिका ब्यूरो,गुवाहाटी): असम के तिनसुकिया जिले में पांच लोगों की गोली मार कर हत्या किए जाने के विरोध में शनिवार को 12 घंटे के राज्यव्यापी बंद के दौरान राज्य के कुछ जिलों में बंद सफल रहा। इन जिलों में बांग्लाभाषियों की संख्या ज्यादा है। वहीं गुवाहाटी में बंद को कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उधर घटना की जांच का जिम्मा राष्ट्रीय जांच एजेंसी(एनआईए)को दिया गया है। घटना की जांच के लिए एनआईए का एक दल घटनास्थल पहुंचा। वहीं गिरफ्तार उल्फा के वार्ता समर्थक नेता जितेन दत्त को आज अदालत में पेश किया गया। अदालत ने जितेन दत्त को जेल भेज दिया है।घटना के दूसरे दिन ही उल्फा के वार्ता समर्थक नेता मृणाल हजारिका को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें कल जेल भेज दिया गया। इन पर बंगालियों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने का आरोप है।


इधर आज बंद समर्थक प्रदर्शनकारियों ने रेलवे पटरियों पर धरना दिया, वाहनों पर पथराव किया और सड़कों पर टायर जलाए। अधिकारियों ने बताया कि सुबह पांच बजे से शुरू हुये बंद का सबसे ज्यादा असर बंगाली भाषी लोगों की बहुलता वाली बराक घाटी और ब्रह्मपुत्र घाटी के कुछ हिस्सों में देखने को मिला। अखिल असम बंगाली युवा छात्र संघ और सामान विचारधारा वाले कई संगठनों ने गुरुवार रात में हुई घटना के विरोध में बंद का आह्वान किया था।


खेरोनीबारी गांव में बंदूकधारियों ने एक परिवार के तीन सदस्यों सहित पांच बांग्ला भाषी व्यक्तियों की गोली मार कर हत्या कर दी थी। कांग्रेस ने बराक में बंद का समर्थन किया है। जिला भाजपा अध्यक्ष सुब्रत नाथ ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि भाजपा हैलाकांदी में धरने को अपना समर्थन दे रही है। तिनसुकिया और डिब्रुगढ़ में बंद नहीं है क्योंकि इन दोनों जिलों में शुक्रवार को बंद आयोजित किया गया था। कछार और करीमगंज के बराक घाटी जिलों में दुकान, व्यापारिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान, निजी कार्यालय बंद हैं और सड़कों पर वाहन नहीं चल रह रही है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने सिलचर में बंद करवा रहे कांग्रेस विधायक कमलाक्ष्य दे पुरकायस्थ को हिरासत में ले लिया। उन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

Published On:
Nov, 03 2018 07:54 PM IST

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।