शक्तिकांत दास को सता रही देश की आर्थिक रफ्तार की चिंता, कहा - ग्रोथ हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता

By: Shivani Sharma

Updated On: 19 Aug 2019, 02:26:33 PM IST

    • गवर्नर शक्तिकांत दास ने देश की आर्थिक रफ्तार को लेकर चिंता जताई है
    • इस समय देश की सरकार का मुख्य फोकस वित्तीय स्थिरता की ओर है

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने देश की आर्थिक रफ्तार को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने आज बातचीत करते हुए कहा कि इस समय जो देश के हालात हैं उनसे निपटने के लिए सभी लोगों को मिलकर सख्त कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही दास ने कहा, 'इकोनॉमिक ग्रोथ इस समय हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हर नीति-निर्माता इसे लेकर चिंतित है।'


वित्तीय स्थिरता है जरूरी

आपको बता दें कि इस समय देश की सरकार का मुख्य फोकस वित्तीय स्थिरता की ओर है, क्योंकि लॉन्ग टर्म ग्रोथ सिर्फ वित्तीय स्थिरता पर निर्भर है। अगर देश की वित्तीय स्थिरता शक्ति बढ़ जाती है तो उससे लोगों को काफी फायदा मिलेगा। इसके साथ ही फाइनेंशियल सेक्टर के लिहाज से भी यह एक जरूरी कदम है।


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सभी पॉलिसी मेकर हैं चिंतित

देश की इकोनॉमिक ग्रोथ को कैसे दिशा मिले, यह केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज के समय में जो हालात हैं उसके कारण हर पॉलिसी मेकर इसे लेकर चिंतित है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने ये बातें एक कार्यक्रम में कही हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सुस्ती के संकेतों के साथ उम्मीद से कम ग्रोथ ग्लोबल फाइनेंशियल स्टेबिलिटी के लिए प्रमुख जोखिम है। हालांकि, बैंकों को झटके सहने के लिए अधिक लचीला बनाया जा रहा है।


IBC में संधोधन से बैंकों को फायदा

इसके साथ ही उन्होंने दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (IBC) में संशोधन करने के बारे में विचार किया है। उनके इस फैसले से सार्वजनिक बैंकों को भी काफी सहायता मिलेगी। आने वाले समय में देश के बैंकिंग सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार कई नए कदम उठाएगी। फिलहाल इस समय देश के बैंकों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है कि वे सरकार पर निर्भर होने के बजाए बाजार से पूंजी लेने में सक्षम हो सकें।


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लेंडिंग रेट में हो सकती है कटौती

इस दौरान बातचीत करते हुए शक्तिकांत दास ने कहा कि हमें कॉर्पोरेट प्रशासन की ओर भी ध्यान देना होगा। गवर्नर ने यह भी कहा कि ज्यादा से ज्यादा बैंकों के रेपो-लिंक्ड लोन और जमा मूल्य निर्धारण की ओर बढ़ने और तेजी से लेंडिंग रेट में कटौती करने की उम्मीद है। इसके अलावा आरबीआई देश की बैंकिंग और गैर बैंकिंग संबधों पर भी नजर रख रहा है।

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Updated On:
19 Aug 2019, 02:25:48 PM IST

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