बाढ़ पीड़ितों ने की लेखपालों की शिकायत, पीड़ितों को नहीं दी जा रही राहत सामग्री

By: Abhishek Gupta

Published On:
Sep, 12 2018 08:56 PM IST

  • विकास खण्ड राजेपुर के पूरे क्षेत्र में बाढ़ का प्रभाव देखने को मिला है। शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र बचा हो जो बाढ़ की चपेट में न आया हो.

फर्रुखाबाद. विकास खण्ड राजेपुर के पूरे क्षेत्र में बाढ़ का प्रभाव देखने को मिला है। शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र बचा हो जो बाढ़ की चपेट में न आया हो। जो गांव या ग्राम सभाएं गंगा की बाढ़ से अधिक प्रभावित हुए उनमे से उदयपुर कंचनपुर आशा की मड़ैया के लोगों ने एडीएम के सामने बाढ़ राहत सामग्री वितरण में लेखपाल व प्रधान द्वारा घपलेबाजी की शिकायत की है। खास तौर पर आशा की मड़ैया व कंचनपुर के लगभग 77 लोगों के नाम बाढ़ पीड़ितों में होने के बावजूद उनको बाढ़ राहत सामग्री नहीं दी गई है। उनको राहत सामग्री दी जाए और जो दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्यवाही की मांग की। वह ग्राम सभा चाचूपुर का मौजा पश्चिमी गौटिया में बुधपाल के घर 10 पैकेट राहत सामग्री के उतारे गए।जबकि पीड़ित व गरीब लोगों को राहत सामग्री नही दी गई गांव वालों का कहना था कि प्रधान के लिए सभी बाढ़ पीड़ित बराबर होने चाहिए, लेकिन उन्होंने लेखपाल के साथ मिलकर केवल चेहरा देखकर राहत पहुंचाई है। साथ ही साथ गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी जाए, जिससे गांव में बीमार पड़े बुजुर्गों का इलाज कराया जा सके।

गंगा का जल स्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है, लेकिन जिला प्रसाशन ने अभी तक बाढ़ से तबाह हुए एक दर्जन गांवों में अभी तक बाढ़ राहत सामग्री नहीं पहुंचाई है। जिनमें जिठौली, नगला केवल, रामपुर, कनकापुर सहित यह गांव राहत सामग्री से वंचित चल रहे हैं। दूसरी तरफ सामग्री की घपलेबाजी की शिकायत लगातार जिलाधिकारी से की जाती रही है और अभी भी की जा रही है, लेकिन अभी तक पूरे जिले में किसी भी कर्मचारी पर कोई कार्यवाही होती नजर नहीं आ रही है, क्योंकि सभी की जांच चल रही है।

एडीएम भानुप्रताप सिंह ने बताया कि गांव वालों ने जो शिकायत दर्ज कराई है। उसकी जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी और जो लोग वंचित हैं, उनको बाढ़ राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

Published On:
Sep, 12 2018 08:56 PM IST