सरकार ने खेल नीति को सराहा तो विपक्ष ने उठाया खिलाडिय़ों के बहिष्कार का मुद्दा

By: Shankar Sharma

Published On:
Sep, 10 2018 10:15 PM IST

  • हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही खेलकूद मंत्री अनिल विज ने खिलाडिय़ों के संबंध में जैसे ही घोषणाएं शुरू की तो कांग्रेस व इनेलो के विधायक भडक़ गए।

चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू होते ही खेलकूद मंत्री अनिल विज ने खिलाडिय़ों के संबंध में जैसे ही घोषणाएं शुरू की तो कांग्रेस व इनेलो के विधायक भडक़ गए।

एक तरफ अनिल विज प्रदेश सरकार की खेल नीति की प्रशंसा करते हुए एशियन खेलों में हरियाणा के खिलाडिय़ों की उपलब्धियां गिनवा रहे थे तो दूसरी तरफ इनेलो व कांग्रेस के विधायक खिलाडिय़ों द्वारा सम्मान समारोह का बष्किार किए जाने का मुद्दा उठा रहे थे। विज द्वारा प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठाए जाने पर भी खासा विवाद हुआ।


सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शहीद सैनिकों को सदन की तरफ से श्रद्धांजलि भेंट की। इसके तुरंत बाद ही स्पीकर प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू करने लगे तो खेलकूद मंत्री अनिल विज खड़े हो गए। विज ने हालही में जकार्ता में हुई खेलों के दौरान खिलाडिय़ों के प्रदर्शन का ब्यौरा सदन के पटल पर रखा। विज ने सभी १८ खिलाडिय़ों की उपलब्धियों का बखान करते हुए उन्हें सदन की तरफ से बधाई संदेश भेजने का प्रस्ताव भी रखा।


इस बीच इनेलो विधायक नसीम अहमद, परमिंदर सिंह ढुल्ल ने खिलाडिय़ों की सम्मान राशि में कटौती किए जाने व खिलाडिय़ों द्वारा सम्मान समारोह का बहिष्कार किए जाने का मुद्दा सदन में उठा दिया। जिस पर खेल मंत्री अनिल विज भडक़ गए। वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व ओ.पी.धनखड़ विज के समर्थन में आए तो कांग्रेस के करण दलाल, कुलदीप शर्मा ने इनेलो विधायकों के मुद्दे को आगे बढ़ाते हुए कटाक्ष किया कि अब तो भाजपा के सांसद भी हुड्डा सरकार की खेल नीति की प्रशंसा करने लगे हैं। लेकिन शोरगुल के बीच कांग्रेसियों की यह बात दब गई। स्पीकर कंवरपाल गुर्जर ने विधायकों की मांग पर प्रश्नकाल का समय बढ़ा दिया तो समूचा विपक्ष शांत हुआ। इसके बाद स्पीकर ने कहा कि सदन की तरफ से सभी खिलाडिय़ों को बधाई संदेश भिजवाया जाएगा।

Published On:
Sep, 10 2018 10:15 PM IST