साइप्रस: राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने प्रतिनिधि सभा को संबोधित किया, कहा- निवेशकों का भारत में स्वागत है

By: Siddharth Priyadarshi

Published On:
Sep, 04 2018 08:09 AM IST

  • साइप्रस के प्रतिनिधि सभा के अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि भारत इस समय बदलाव के रोमांचक मोड़ पर है और आकर्षक व्यावसायिक अवसर प्रदान कर रहा है।

निकोसिया। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने साइप्रस की प्रतिनिधि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के दरवाजे साइप्रस के लिए खुले हुए हैं। भारत के आर्थिक विकास में साइप्रस के योगदान को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भूमध्यसागरीय राष्ट्र को भारत में डिजिटलकरण, स्मार्ट शहरों और बुनियादी ढांचे के सुधार और पर्यटन के क्षेत्रों में देश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। बता दें कि तीन यूरोपीय देशों की आठ दिवसीय यात्रा के पहले चरण में साइप्रस की यात्रा पर हैं।

भारत की तरक्की में साइप्रस का बड़ा योगदान

भारत की तरक्की में साइप्रस के योगदान की सराहना करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि साइप्रस भारत में आठवां सबसे बड़ा निवेशक है।दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 8.2 अरब डॉलर है। साइप्रस के प्रतिनिधि सभा के अपने संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि भारत इस समय बदलाव के रोमांचक मोड़ पर है और आकर्षक व्यावसायिक अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया मिशन, स्मार्ट सिटीज मिशन और बिजली और ऊर्जा, राजमार्गों, बंदरगाहों और नौवहन जैसे प्रमुख बुनियादी ढांचे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की व्यावहारिक परियोजनाएं साइप्रस के निवेशकों का इंतजार कर रही हैं।

साइप्रस के निवेशकों का आह्वान

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत का 'ओवरराइडिंग मिशन' इसकी आर्थिक विकास और आधुनिकीकरण है। साइप्रस, एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में और भारत के सबसे बड़े निवेशकों में से एक के रूप में, इस प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। भारत की उपलब्धियों और मजबूत अर्थव्यवस्था की और इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि "पिछली तिमाही में हमारा जीडीपी बढ़कर 8.2% हो गया। जीएसटी ने हमारे सभी राज्यों में एक समान, सरल और डिजिटल रूप से सक्षम कराधान का नेतृत्व किया है। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।

एनएसजी और सुरक्षा परिषद में समर्थन के लिए आभार जताया

राष्ट्रपति ने एक जिम्मेदार देश के रूप में साइप्रस की सराहना करते हुए कोविंद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के विस्तार में भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए इस द्वीप राष्ट्र का शुक्रिया अदा किया। राष्ट्रपति ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को अपने संबोधन के दौरान कहा, "जिम्मेदार राष्ट्र-राज्यों के रूप में, साइप्रस और भारत दोनों अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं। अपनी-अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और आतंकवाद को हराने की जरूरी आवश्यकता हमें एकजुट करती है।"

साइप्रस संसद को उनके संबोधन के कुछ ही समय पहले राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की थी। उन्होंने आर्कबिशप मकरियस की प्रतिमा पर भी माल्यापर्ण किया।

Published On:
Sep, 04 2018 08:09 AM IST

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।