लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में पेश हुए माल्या, कहा- भारत में मेरी जान को खतरा

By: Prashant Kumar Jha

Updated On:
20 Nov 2017, 11:24:19 PM IST

  • शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण केस की सुनवाई अगले महीने 4 दिसंबर को सुनवाई होगी।

लंदन: भारतीय बैंकों से 9,000 करोड़ रुपए का कर्ज लेकर भागे शराब कारोबारी विजय माल्या प्रत्यर्पण केस में सोमवार को लंदन के वेस्टमिंस्टर कोर्ट में प्री-ट्रायल सुनवाई के लिए पेश हुए। इस दौरान माल्या के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को भारत में जान का खतरा है। अब अभियोजन पक्ष भारत सरकार द्वारा माल्या की सुरक्षा की तैयारी की रूपरेखा प्रस्तुत करने की तैयारी में जुटा है। विजय माल्या इस प्रत्यर्पण वारंट मामले में फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।

 

मैंने कुछ गलत नहीं किया
बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने के मामले में विवादों में घिरने के बाद ब्रिटेन में रह रहे माल्या का कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। सुनवाई के बाद माल्या ने कहा कि वह बार बार दोहराते रहे हैं कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। उन्होंने कहा कि अब कोर्ट में सब साफ हो जाएगा।

4 दिसबंर को होगी सुनवाई
शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण केस की सुनवाई अगले महीने होने वाली है। 4 दिसंबर को ब्रिटिश कोर्ट में माल्या के प्रत्यर्पण पर सुनवाई होगी। लेकिन पिछले दिनों सुनवाई के दौरान विजय माल्या के वकील ने आशंका जाहिर की थी भारत की जेलों की स्थिति बेहद खराब है। वहां रहना मुश्किल भरा है। इस संदर्भ में गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने बैठक की । जिसमें कहा गया कि 9000 करोड़ रुपए के डिफॉल्टर विजय माल्या को भारत की जेल में कोई खतरा नहीं होगा।

माल्या को जेल में नहीं होगी दिक्कत
केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा की अध्यक्षता में हुई हाईलेवल मीटिंग में फैसला लिया गया है कि माल्या को जेल में किसी का खतरा नहीं होगा। भारत सरकार इस सिलसिले में लंदन के वेस्टमिंस्टर मैजिस्ट्रेट्स कोर्ट को यह अवगत कराया गया कि माल्या को जेल में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। बैठक में ब्रिटेन की अदालत में दायर की जाने वाली प्रतिक्रिया पर विचार-विमर्श किया गया। जिसमें माल्या की आशंका को खारिज कर दिया गया कि वह भारतीय जेल में सुरक्षित नहीं है।दरअसल विजय माल्या के वकील ने ब्रिटिश अदालत में भारत की जेल की बदतर हालात का हवाला देते हुए कहा था कि वहां रहना मुश्किल है।

 

बुकी संजीव चावला का प्रत्यर्पण से किया गया था इंकार

दरअसल यूके की वेस्टमिन्स्टर कोर्ट भारतीय जेल की खराब हालात को देखते हुए बुकी संजीव चावला के प्रत्यर्पण से इनकार कर दिया था। इस फैसले के बाद माल्या को भी अपना केस मजबूत होता दिख रहा है। 2000 से मैच फिक्सिंग के आरोप में फंसे चावला ने कोर्ट में दलील दी थी कि भारत में तिहाड़ जेल की हालत बेहद खराब है, उसे वहां भेजा जाना मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा। अब यही दलील देकर माल्या भी फैसले को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं।

Updated On:
20 Nov 2017, 11:24:19 PM IST

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