पुरानी पेंशन को लेकर यूपी कर्मचारियों का योगी सरकार के खिलाफ हल्लाबोल

By: Dilip Chaturvedi

Updated On: Oct, 08 2018 12:43 PM IST

  • पुरानी पेंशन की बहाली की मांग को लेकर सोमवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी में करीब एक लाख के ज्यादा कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी जुटेंगे और अपनी मांगों को लेकर शंखनाद करेंगे...

लखनऊ. कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी-पुरानी पेंशन बहाली मंच की ओर लखनऊ के ईको गार्डेन में आयोजित आंदोलन में कर्मचारी-शिक्षक नई नई पेंशन स्कीम का विरोध तो करेंगे, साथ ही में नई पेंशन स्कीम के तहत हुए 57 सौ करोड़ के घोटालें का खुलासा भी करेंगे। सोमवार को प्रस्तावित महारैली के स्थल का रविवार को मंच के नेता डॉ. दिनेश चंद शर्मा, हरिकिशोर तिवारी, शिवबरन सिंह तिवारी, इं. जी.एन. सिंह आदि ने दौरा किया।

निरीक्षण के बाद मंच के अध्यक्ष डॉ. शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों व अधिकारियों की संख्या को देखते हुए चार और टीमें बनाई गई है, जो अचानक पडऩे वाली जरूरतों को देखेगी। वहीं मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने बताया कि महारैली में नई पेंशन स्कीम के तहत हुए 57 सौ करोड़ के घोटालें का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश के हर प्रांत में किन राज्यों में कितनी राशि नई पेंशन स्कीम के तहत एकत्र कर उसकी कितनी धनराशि शेयर बाजार में लगाई गई, इसका खुलासा भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नई पेंशन स्कीम में कर्मचारियों के साथ बड़ा धोखा किया जा रहा है। इसका प्रमाण 31 मार्च, 2017 को जारी भारत सरकार के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में सामने आ चुका है, जिसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2017-18 का 700 करोड़ रुपए का अंशदान जमा ही नहीं किया गया।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यह महारैली पुरानी पेंशन बचाओ आंदोलन का शंखनाद साबित होगी। इसके बाद अन्य प्रांतों की राजधानियों में इसकी पुनरावृत्ति के बाद राष्ट्रव्यापी आंदोलन के लिए केंद्र और राज्य कर्मचारी एकजुट होकर दिल्ली कूच करेंगे। मीडिया प्रभारी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि महारैली को रेलवे के बड़े नेता कामरेड शिवगोपाल मिश्रा के साथ मंच के संयोजक हरिकिशोर तिवारी, अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद शर्मा व अन्य संबोधित करेंगे।

Published On:
Oct, 08 2018 12:43 PM IST