सरकार की अर्थव्यवस्था को 'ऑक्सीजन' देने की तैयारी, जल्द ही मिलेगा राहत पैकेज

नई दिल्ली। सभी राज्यों में लॉकडाउन के बाद कोरोना की दूसरी लहर का पीक गुजर रहा है। पाबंदियों के चलते अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र पर असर दिखने लगा है। दूसरी लहर में 25 करोड़ से ज्यादा लोगों की आर्थिक सक्षमता प्रभावित हुई है। अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए केंद्र सरकार सबसे प्रभावित सेक्टर्स के लिए प्रोत्साहन पैकेज तैयार कर रही है। टूरिज्म, एविएशन, हॉस्पिटैलिटी व एमएसएमई को शामिल किया जा सकता है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार, 18 अप्रैल तक बेरोजगारी 8.4 प्रतिशत हो गई है।

घाटे के सेक्टर से टैक्स रिकवरी भी कम ।
घाटे वाली कंपनियां कीमतें बढ़ाएंगी।
खर्च घटाने के लिए कर्मचारियों की छंटनी।

इन तीन चीजों पर असर-
1 - ऑटोमोबाइल-
28.1 प्रतिशत वाहनों की खरीदारी में गिरावट मार्च, 20 के मुकाबले अप्रेल, 21 में ।
11.85 लाख अप्रेल, 21 में, जबकि मार्च, 20 में 16.49 वाहनों का रजिस्ट्रेशन ।
पैसेंजर, दोपहिया व कॉमर्शियल वाहनों की बिक्री में ज्यादा गिरावट।

2- एविएशन -
63 प्रतिशत फ्लाइट के यात्रियों की संख्या अप्रेल, 2021 में घटने का अनुमान।
35 फीसदी तक कुल उड़ानों की संख्या कम हुई पूरे देश में ।
30-50 फीसदी तक कर्मचारियों की छंटनी हुई कंपनियों में ।

3 - एमएसएमई -
30 प्रतिशत के करीब जीडीपी में एमएसएमई सेक्टर का योगदान ।
11 करोड़ लोगों को रोजगार व 40 फीसदी से अधिक एक्सपोर्ट ।

ये चुनौतियां -
खुदरा, भवन निर्माण, दुकान कारोबार प्रभावित
माल की ढुलाई घटने से उत्पादन पर भी असर
30% से ज्यादा मजदूरों की घर वापसी

पहली लहर में-
20.97 लाख करोड़ रुपए का पैकेज 2020 में जारी ।
5 चरणों में घाटे वाले सभी प्रमुख सेक्टर्स को राहत दी ।
लोन मोराटोरियम व लोन री-स्ट्रक्चरिंग की सुविधा दी ।

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