शटडाउन से अमरीकी अर्थव्यवस्था से लेकर निवेशकों तक पर खतरे का साया, जेरोम पावेल ने कहा - आगे भी दिखेगा दुष्प्रभाव

By: Ashutosh Kumar Verma

Updated On: Jan, 11 2019 04:06 PM IST

  • अमरीकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल ने गुरुवार को कहा कि अगर 'शटडाउन' लंबी अवधि के लिए जारी रहता है तो निश्चित ही इसका दुष्प्रभाव अर्थव्यवस्था पर दिखार्इ देगा।

नर्इ दिल्ली। अमरीकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल ने गुरुवार को कहा कि अगर 'शटडाउन' लंबी अवधि के लिए जारी रहता है तो निश्चित ही इसका दुष्प्रभाव अर्थव्यवस्था पर दिखार्इ देगा। द इकोनाॅमिक क्लब आॅफ वाॅशिंगटन डीसी को दिए गए एक इंटरव्यू में पावेल ने कहा कि शटडाउन की वजह से कुछ डेटा सही समय पर अपडेट नहीं हो पा रहे हैं, इससे अमरीकी अर्थव्यवस्था का आउटलुक कुछ साफ नहीं हो पा रहा व नीतियां बनाने में भी जटिलताएं आ रही हैं।


नहीं अपडेट हो पर रहे महत्वपूर्ण आंकड़े

पावेल ने कहा, "अगर यह लंबे समय तक चलता रहा तो हमारे लिए अर्थव्यवस्था की सही तस्वीर साफ नहीं हो पाएगी।" अमरीकी डिपाॅर्टमेंट आॅफ काॅमर्स के अंतर्गत आने वाले द ब्यूरो आॅफ इकोनाॅमिक एनलिसिस (बीर्इए) ने शटडाउन की वजह से डेटा अपडेट करना बंद कर दिया है। बीर्इए अमरीका के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) समेत कर्इ जरूरी मापदंडो की गणना करता है। इसमें एक खास डेटा संकलन 'पर्सनल कंज्म्पशन एक्सपेंडीचर प्राइस इंडेक्स' (व्यक्तिग उपभोग खर्च मूल्य सूचकांक) भी है जो कि अमरीकी महंगार्इ दर मापने के लिए काफी महत्वपूर्ण मांना जाता है।


अमरीकी निवेशकों के लिए भी परेशानी

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार डेटा, मैन्युफैक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन आैर हाउसिंग समेत कर्इ तरह के डेटा की निगरानी करने वाली यूनाइटेड स्टेट्स सेंसस ब्यूरो ने फेड फंडिंग न होने से डेटा अपडेट करना बंद कर दिया है। सरकार ही नहीं बल्कि निवेशकों के लिए जरूरी डेटा की अनुपस्थिति में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वो अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन के आधार पर ही निवेश करने का फैसला लेते हैं।


अार्थिक आंकड़ों पर दिख रहा है असर

फेड चेयरमैन ने इस बात की भी चेतावनी दी है कि यदि शटडाउन की अवधि आगे आैर भी बढ़ती है तो आर्थिक आंकड़ों पर भी इसका दुष्प्रभाव साफ नजर अाएगा। बता दें कि मेक्सिको बाॅर्डर को लेकर दोनों अमरीकी राष्ट्रीय दलों में मतभेद हैं। इस मामले को अभी तक 20 दिन पूरे हो चुके हैं आैर भविष्य में इसके समाधान निकलने के कोर्इ आसार नजर नहीं आ रहे हैं।

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Published On:
Jan, 11 2019 04:04 PM IST

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