7th Pay commission: केंद्रीय कर्मचारियों काे 15 अगस्त को मिलेगी सौगात, इतनी बढ़ने जा रही है सैलरी

By: Ashutosh Verma

|

Published: 13 Aug 2018, 11:42 AM IST

अर्थव्‍यवस्‍था

नई दिल्‍ली। स्वतंत्रता दिवस में अब सिर्फ चंद दिन ही बचे हैं आैर लाल किले की प्राचीर पर देश की आजादी का जश्न मनाने की तैयारी जाेरों शोरों से चल रही है। इस बार स्वतंत्रता दिवस इस लिहाज से भी खास है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी के मौजूदा कार्यकाल का ये अंतिम मौका हाेगा जब वो लाल किले पर ध्वजारोहण करेंगे अौर भारत के नागरिकों को संबंधोति करेंगे। एेसे में इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम मोदी इस बार लाल किले की प्राचीर से कर्इ बड़ी घोषणएं कर सकते हैं। सबसे बड़ी चर्चा इस बात की है कि इस स्वतंत्रता दिवस पीएम मोदी 7वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा एेलान कर सकते हैं। हालांकि कुछ जानकारों का ये भी कहना है कि यदि स्वतंत्रता दिवस को नहीं तो पीएम मोदी इसे आने वाली दिवाली पर सरकारी कर्मचारियों को तोहफा दे सकते हैं।


बढ़ सकती है न्यूनतम बेसिक पे
माेदी सरकार ये घोषणा अागामी लोकसभी चुनाव को ध्यान में रखते हुए भी ले सकती है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार की योजना न्यूनतम बेसिक पे को 18000 रुपए से बढ़ाकर 20000 रुपए कर सकती है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकारी कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने के लिए राजी हो गर्इ है। हालांकि अभी भी इस बात से पर्दा नहीं उठ सका है कि सरकार आखिर कब आैर कितनी बढ़ोतरी करेगी। बताते चलें की सातवें वेतन आयोग के अनुसार केंद्रीय कर्मचारी ने मांग की है कि उनकी न्यनूतम वेतनमान को 18000 रुपए से बढ़ाकर 26000 रुपए कर दिया जाए। उन्होंने फिटमेंट फैक्टर में 2.57 गुना बढ़ाने की मांग की है।


एनएसी ने भी जतार्इ सहमति
दरअसल 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों को पे बैंड या पे स्केल नहीं बल्कि पे मेट्रिक्स के अाधार पर सेलरी मिलती है जिसके तहत न्यूनतम पे 18000 रुपए है। ये सिस्टम 1 जनवरी 2016 से लागू कर दी गर्इ है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीते 17 जुलार्इ को नेशनल एनोमली कमीटी (एनएसी ) ने अपनी बैठक में पे मैट्रिक्स पर अपनी विसंगति को खत्म करने पर सहमति बनार्इ थी। याद रहे कि इस कमीटी को केंद्र सरकार ने सितंबर 2016 को बनाया था। सरकार ने इस कमीटी का गठन 7वें वेतन आयोग की विसंगतियों को खत्म करने के उद्देश्य से बनाया था।

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।